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Indore News: इंदौर में नर्मदा के पहले चरण की कहानी सुनाई, फिर कलश से शुद्ध जल नदी में डाला

Sat, 22 Mar 2025 07:01 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sat, 22 Mar 2025 07:01 AM IST
सार

कार्यक्रम में शामिल शहरवासियों को बताया गया कि अभ्यास मंडल मध्य भारत का ऐसा सामाजिक संगठन है। जिसने दशकों पहले जल के महत्व को समझा। आज इंदौर के विकास में नर्मदा केे इंदौर  आने का बड़ा योगदान है,क्योकि इंदौर शहर के आसपास कोई बड़ी जलराशि नहीं है।

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Indore News: The story of the first phase of Narmada was narrated in Indore, then pure water was poured into t
नदी में कलश से जल डालते शहरवासी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व जल दिवस के मौके पर शुक्रवार को कान्ह-सरस्वती नदी का कृष्णपुरा छत्री घाट पर शुद्ध जल सांकेतिक रुप से नदी में डालकर नदी को साफ बनाने का संकल्प अभ्यास मंडल के कायकर्ता व पदाधिकारियों ने लिया। इस मौके पर कोई औपचारिक बातें नही हुई, लेकिन नर्मदा अंदोलन के उन किस्सों को साझा किय गया, जो अभ्यास मंडल के बैनर तले 46 साल पहले हुआ था। शशिकांत शुक्ला, रामेश्वर गुप्ता, शिवाजी मोहिते ने बताया कि जनता का यह आंदोलन सफल रहा और सरकार को झुकना पड़ा था। फिर इंदौर में नर्मदा नदी का पहला चरण आया।

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कार्यक्रम में शामिल शहरवासियों को बताया गया कि अभ्यास मंडल मध्य भारत का ऐसा सामाजिक संगठन है। जिसने दशकों पहले जल के महत्व और भविष्य में शहर की जल की मांग को समझा। आज इंदौर के विकास में नर्मदा केे इंदौर  आने का बड़ा योगदान है,क्योकि इंदौर शहर के आसपास कोई बड़ी जलराशि नहीं है। कार्यक्रम में बताया गया कि कान्ह नदी हमारी विरासत नदी है। इस नदी के आसपास इंदौर बसा था।

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होलकरकाल में यह नदी मालवा के औद्योगिक नगर की जीवन रेखा थी जिसके किनारे बडे-बडे ऐतिहासिक घाट बने थे, लेकिन अनदेखी के कारण अपना नदी अस्तित्व खो चुकी है। कार्यक्रम में हरेराम वाजपाई, वैशाली खरे, ग्रीष्म त्रिवेदी ने अपने विचार रखे। संचालन स्वप्निल व्यास ने किया आभार मालासिंह ठाकुर ने माना। कार्यक्रम में मदन राणे, बसंत सोनी, मुरली खंडेलवाल, एम पी शर्मा, कुणाल भंवर, आदित्यप्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।

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