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Indore News: बाल विवाह रोकने पहुंची टीम, नाबालिग ने दी आत्महत्या की धमकी
Sat, 22 Mar 2025 05:28 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ,इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 22 Mar 2025 05:28 PM IST
सार
Indore News: इंदौर के सांवेर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की अपने विवाह को लेकर आत्महत्या की धमकी तक देने लगी, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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Indore News
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
विस्तार
सांवेर के बूढ़ी बरलई गांव में एक नाबालिग के विवाह की सूचना मिलने पर बाल विवाह उड़नदस्ता मौके पर पहुंचा, लेकिन वहां पूरा परिवार इस विवाह को रोकने के विरोध में खड़ा हो गया। पिता द्वारा किए गए खर्च और विवाह की तैयारियों को देखते हुए नाबालिग स्वयं आगे आई और विवाह न होने पर आत्महत्या करने की धमकी देने लगी। रोते हुए उसने कहा कि अगर आज उसकी शादी नहीं हुई तो वह अपनी जान दे देगी।
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प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, सगाई पर अड़ा परिवार
बाल विवाह उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक, पुलिस निरीक्षक सुमन तिवारी, सीमा तिवारी, कोर ग्रुप सदस्य शैलेष शर्मा, मोनिका बघाय, सुकन्या पाटीदार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित बड़ी टीम वहां पहुंची। लेकिन जब परिवार नहीं माना तो तहसीलदार पूनम तोमर को भी मौके पर पहुंचना पड़ा। उन्होंने परिवार को समझाया कि बाल विवाह कराने पर दो साल की जेल और एक लाख रुपए का दंड हो सकता है। अंततः प्रशासन की समझाइश के बाद विवाह को रोका गया, लेकिन परिवार सगाई कराने पर अड़ा रहा।
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पिता द्वारा जबरन विवाह, बालिका ने की शिकायत
इसके विपरीत, पालदा में रहने वाली एक नाबालिग का विवाह उसके पिता द्वारा जबरन एक सप्ताह पहले करवा दिया गया था। लड़की इस विवाह से खुश नहीं थी और उसने इसका विरोध करने का साहस दिखाया। विवाह की जबरदस्ती के खिलाफ उसने पुलिस थाना भंवरकुआं में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उसकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उसे वहां से भगा दिया और उसकी फरियाद नहीं सुनी।
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कलेक्टर की हस्तक्षेप से हुई जांच के निर्देश
पुलिस की अनदेखी के बावजूद बालिका ने हार नहीं मानी और कलेक्टर के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। इस मामले में प्रशासन की तत्परता के बाद ही नाबालिग को न्याय मिलने की उम्मीद जगी। यह घटना बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को दर्शाती है।
