Indore News: इंदौर के पार्षद जीतू यादव का 18 माह बाद निष्कासन समाप्त, भाजपा में वापसी
इंदौर में भाजपा ने कुलकर्णी नगर के पार्षद जीतू यादव का करीब 18 महीने पुराना निष्कासन खत्म कर दिया है। पार्षद कमलेश कालरा के घर हमले और उनके नाबालिग बेटे से बदसलूकी के आरोपों के बाद यादव को पार्टी से बाहर किया गया था।
विस्तार
इंदौर में कुलकर्णी नगर से पार्षद जीतू यादव का भारतीय जनता पार्टी से निष्कासन समाप्त कर दिया गया है। 18 माह पहले उन्हें एक अन्य पार्षद के घर पर हमला करवाने और उनके नाबालिग बेटे के साथ बदसलूकी के आरोप में निष्कासित किया गया था। यादव एमआईसी मेंबर भी थे। भाजपा परिषद ने उनसे वह पद भी छीन लिया था। माना जा रहा है कि उन्हें फिर एमआईसी मेंबर बनाया जा सकता है, क्योंकि उनके स्थान पर किसी अन्य पार्षद को विभाग नहीं सौंपा गया था।
प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने निष्कासन समाप्त करने के लिए भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि पार्षद के घर पर हुए हमले में पुलिस जांच में जीतू यादव को क्लीन चिट मिली है। इसके आधार पर यादव का भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से किया गया निष्कासन समाप्त किया जा रहा है।
दरअसल, अगले साल नगर निगम चुनाव होने हैं। जीतू जिस वार्ड से पार्षद हैं, वहां वर्षों से कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार जीतते आए थे। 9 साल से जीतू और उनके परिवार के सदस्य पार्षद हैं। माना जा रहा है कि चुनाव को देखते हुए जीतू का निष्कासन समाप्त हुआ है।
यह था मामला
दो साल पहले एक नगर निगम कर्मचारी और पार्षद कमलेश कालरा की एक कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी, जिसमें कालरा ने यादव को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद कालरा के घर हमला हो गया था और उसके भी वीडियो वायरल हुए थे। हमला करने वालों ने कालरा के बेटे के साथ भी बदसलूकी की थी। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया था। इस हमले को लेकर विधायक मालिनी गौड़ ने भी जीतू यादव के खिलाफ मोर्चा खोल लिया था। हल्ला मचने पर भाजपा ने जीतू यादव को पार्टी से बाहर कर दिया था।
