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Indore News: हजारों संक्रमित, 17 की मौत, खतरनाक बैक्टीरिया से बाकी लोग कैसे बचे
Mon, 05 Jan 2026 07:24 AM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 05 Jan 2026 07:24 AM IST
सार
Indore News: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वायरल लोड और व्यक्तिगत इम्युनिटी को मुख्य कारण बताया है।
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भागीरथपुरा में 17 मौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदौर के भागीरथपुरा में पीने के गंदे पानी की वजह से 17 लोगों की मौत के बाद यह प्रश्न भी खड़ा हो रहा है कि कोई बच गया तो कोई मर गया। इसके पीछे क्या कारण रहे। अमर उजाला ने स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों से बात की और पता लगाया कि गंदे पानी में मौजूद बैक्टीरिया का किस पर क्या असर हुआ। गौरतलब है कि पानी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई खतरनाक बैक्टीरिया मिले थे जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच और इलाज की प्रक्रिया को और तेज कर दिया था।
हजारों लोगों को संक्रमण हुआ, अधिकतर अपने आप स्वस्थ हो गए
भागीरथपुरा क्षेत्र के संजीवनी अस्पताल के डाक्टर जितेंद्र सिलावट ने बताया कि रविवार से संक्रमण के मामले आना शुरू हुई। शुरुआत में हमने उल्टी दस्त के मरीजों का इलाज किया और धीरे धीरे मरीज बढ़ने लगे। जितेंद्र सिलावट ने कहा कि बड़े स्तर पर संक्रमण की संभावना नजर आ रही है और इसकी चपेट में हजारों लोग आए होंगे। अधिकतर लोग खुद ही स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल भी नहीं आना पड़ा। जो पहले से अन्य बीमारियों से ग्रसित थे, बुजुर्ग थे या फिर बच्चे थे वे जल्दी इस संक्रमण का शिकार बने और गंभीर हो गए। दूसरे दिन जैसे ही मरीज बढ़े हमने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को इससे अवगत करवाया और तुरंत मेडिकल टीम क्षेत्र में मरीजों की जांच और इलाज करने लगी।
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मृतकों में वायरल लोड रहा प्रमुख कारण
कर्मचारी राज्य बीमा निगम से सेवानिवृत्त डाक्टर सुभाष बारोड ने बताया कि लोगों की जान जाने में सबसे बड़ा कारण वायरल लोड होता है। बैक्टीरिया हर जगह मौजूद हैं और वह आपके शरीर में भी हैं। पानी में पाए जाने वाले संक्रमण के बैक्टीरिया लगभग सभी जगह मिलते हैं। निर्भर करता है कि आपके शरीर में वह कितनी मात्रा में पहुंचे हैं। यदि लगातार कई दिनों तक आप संक्रमित पानी पीते रहते हैं और शरीर की बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता खत्म हो जाती है और फिर वह एक एेसी अवस्था में पहुंच जाता है जहां से उसे वापस लाना मुश्किल हो जाता है। डाक्टर बारोड ने कहा कि एेसी स्थिति में उसे अच्छे से अच्छा इलाज मिलने पर भी बचाना मुश्किल हो जाता है।
यह लोग बने आसानी से शिकार
1. बच्चे
बच्चों की इम्युनिटी कम होती है और कई बैक्टीरिया और वायरस के प्रति उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती। यह प्रतिरोधक क्षमता समय के साथ में ही विकसित होती है। इसलिए बच्चे जल्द बीमार हो जाते हैं।
2. बुजुर्ग
15 में से 11 मृतक 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता युवाओं की अपेक्षा में कम होती है। उल्टी, दस्त होने पर वे जल्द कमजोर हो जाते हैं और यदि बीपी, शुगर या अन्य शारीरिक परेशानी है तो खतरा अधिक बढ़ जाता है।
3. बीमार
जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं उनके शरीर में भी नए बैक्टीरिया के लिए प्रतिरोधकता कम होती है। पुरानी बीमारियों की वजह से शरीर पहले से ही कमजोर होता है और नई बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाते हैं।
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हजारों लोगों को संक्रमण हुआ, अधिकतर अपने आप स्वस्थ हो गए
भागीरथपुरा क्षेत्र के संजीवनी अस्पताल के डाक्टर जितेंद्र सिलावट ने बताया कि रविवार से संक्रमण के मामले आना शुरू हुई। शुरुआत में हमने उल्टी दस्त के मरीजों का इलाज किया और धीरे धीरे मरीज बढ़ने लगे। जितेंद्र सिलावट ने कहा कि बड़े स्तर पर संक्रमण की संभावना नजर आ रही है और इसकी चपेट में हजारों लोग आए होंगे। अधिकतर लोग खुद ही स्वस्थ हो गए और उन्हें अस्पताल भी नहीं आना पड़ा। जो पहले से अन्य बीमारियों से ग्रसित थे, बुजुर्ग थे या फिर बच्चे थे वे जल्दी इस संक्रमण का शिकार बने और गंभीर हो गए। दूसरे दिन जैसे ही मरीज बढ़े हमने तुरंत स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को इससे अवगत करवाया और तुरंत मेडिकल टीम क्षेत्र में मरीजों की जांच और इलाज करने लगी।
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यह लोग बने आसानी से शिकार
1. बच्चे
बच्चों की इम्युनिटी कम होती है और कई बैक्टीरिया और वायरस के प्रति उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती। यह प्रतिरोधक क्षमता समय के साथ में ही विकसित होती है। इसलिए बच्चे जल्द बीमार हो जाते हैं।
2. बुजुर्ग
15 में से 11 मृतक 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बुजुर्गों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता युवाओं की अपेक्षा में कम होती है। उल्टी, दस्त होने पर वे जल्द कमजोर हो जाते हैं और यदि बीपी, शुगर या अन्य शारीरिक परेशानी है तो खतरा अधिक बढ़ जाता है।
3. बीमार
जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं उनके शरीर में भी नए बैक्टीरिया के लिए प्रतिरोधकता कम होती है। पुरानी बीमारियों की वजह से शरीर पहले से ही कमजोर होता है और नई बीमारियों की चपेट में आसानी से आ जाते हैं।
