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Indore Bawadi Accident: 28 मई तक हटेंगे शहर के खतरनाक कुएं-बावड़ी, लापरवाही करने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार
Sat, 01 Apr 2023 08:01 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Sat, 01 Apr 2023 08:01 PM IST
सार
कलेक्टर ने धारा-144 के तहत आदेश जारी किए, खुले बोरिंग मिलने पर भी होगी कार्रवाई
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इंदौर बावड़ी हादसा
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में हुए बेलेश्वर महादेव मंदिर के हादसे के बाद कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि बावड़ी, कुओं आदि संरचनाओं का सर्वे 28 मई तक कराया जाएगा। सर्वे के दौरान चिन्हित कमजोर छत, छज्जा या अन्य किसी प्रकार से ढंके हुए कुएं, बावड़ियों को खतरनाक संरचना की श्रेणी में रखा जाएगा। खतरनाक संरचना की सूची के मामलों में अतिक्रमण हटाने अथवा सुरक्षा संबंधी उपाय सुनिश्चित करने की कार्यवाही की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध अभियोजन की कार्यवाही भी की जाएगी। इसमें नगरीय निकाय के अधिकारी कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए जिम्मेदार बनाया गया है। वे सर्वे कर सूची का संधारण भी करेंगे।
आदेशानुसार इंदौर नगर निगम सीमा अन्तर्गत आयुक्त नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा अपने अधिकारियों के माध्यम से नगर निगम सीमा क्षेत्र में स्थित सभी बावड़ियों/कुओं का सर्वे कराया जाएगा। सूची संधारित कराई जाएगी। उक्त सूची में स्थल का नाम, भूमि स्वामी का नाम, सर्वे नंबर भी अंकित किया जाएगा। साथ ही फोटोग्राफ भी संधारित कए जाएंगे। ऐसी किसी गहरी संरचना पर अतिक्रमण किया हो, कमजोर छत बनाकर या छज्जा आदि अन्य किसी प्रकार से ढंक दिया हो, या कोई दीवार आदि निर्मित कर घातक स्थिति उत्पन्न की हो, तो पृथक से खतरनाक संरचना की सूची में रखा जाएगा। खतरनाक संरचना की सूची के प्रत्येक मामलों में तत्काल नियमों-अधिनियमों के तहत अतिक्रमण हटाए जाने एवं सुरक्षा के सभी उपाय संबंधित व्यक्ति/संस्था के माध्यम से सुनिश्चित कराने की कार्यवाही करवाई जाएगी। तत्संबंधी कार्यवाही नगर परिषद क्षेत्रों में सभी स्थानीय नगरीय निकाय के सीएमओ द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में की जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की कार्यवाही के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को दायित्व सौंपा गया है।
जनता के लिए जारी किया नंबर
उक्त कार्य में संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार) आवश्यक सहयोग करते हुए सुरक्षा के समस्त उपायों को सुनिश्चित कराएंगे। एक माह में उपरोक्तानुसार कार्यवाही संपादित करते हुए की गई कार्यवाही की समस्त जानकारी की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। यदि कहीं इस प्रकार के खतरनाक कुओं/बावड़ी की जानकारी किसी के संज्ञान में आती है तो कलेक्टर कार्यालय के आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0731-2365534 पर इसकी सूचना दी जा सकती है।
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बोरिंग खुले मिले तो मकान मालिक पर कार्रवाई
इंदौर जिले की सीमा क्षेत्रान्तर्गत अनुपयोगी अथवा खुले पड़े हुए बोरवेल को लोहे के मजबूत ढक्कन / केप से नट बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद करने के संबंध में धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार इंदौर में जिन बारेवेल का उपयोग नहीं किया जाता है या जिन बोरवेल में मोटर नहीं डाली है तथा जिनमें बोर केप नहीं लगा हुआ है, उक्त खुले बोरो में बोर केप संबंधित मकान मालिक/किसान/संस्था को लगवाया जाना जरूरी होगा। साथ ही आदेशित किया गया है कि अनुपयोगी अथवा खुले पड़े हुए बोरवेल को लोहे के मजबूत ढक्कन /केप से नट बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद किया जाए। कहा है कि संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट क्षेत्र का भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित करवाए जाने हेतु उत्तरदायी होंगे। उक्त आदेश का उल्लघंन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।
घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, घटना के संबंध में साक्ष्य बुलाए गए
इंदौर के स्नेह नगर क्षेत्र में स्थित श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में गत 30 मार्च को हुई दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू हो गई है। जांच के लिए अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बेड़ेकर द्वारा घटना की जांच हेतु साक्ष्य आमंत्रित किए गए हैं। यह भी कहा गया है कि किसी व्यक्ति/संस्था या अन्य के द्वारा उक्त घटना के संबंध में कथन/साक्ष्य/अन्य दस्तावेज/जानकारी या अन्य प्रकार का साक्ष्य आदि प्रस्तुत किया जाना हो तो वे लिखित/मौखिक रूप से जांच अधिकारी के समक्ष कलेक्टर कार्यालय के प्रशासनिक संकुल भवन के कक्ष क्रमांक-103 में 02 अप्रैल से 06 अप्रैल 2023 तक (अवकाश के दिनों को छोड़कर) कार्यालयीन समय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
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आदेशानुसार इंदौर नगर निगम सीमा अन्तर्गत आयुक्त नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा अपने अधिकारियों के माध्यम से नगर निगम सीमा क्षेत्र में स्थित सभी बावड़ियों/कुओं का सर्वे कराया जाएगा। सूची संधारित कराई जाएगी। उक्त सूची में स्थल का नाम, भूमि स्वामी का नाम, सर्वे नंबर भी अंकित किया जाएगा। साथ ही फोटोग्राफ भी संधारित कए जाएंगे। ऐसी किसी गहरी संरचना पर अतिक्रमण किया हो, कमजोर छत बनाकर या छज्जा आदि अन्य किसी प्रकार से ढंक दिया हो, या कोई दीवार आदि निर्मित कर घातक स्थिति उत्पन्न की हो, तो पृथक से खतरनाक संरचना की सूची में रखा जाएगा। खतरनाक संरचना की सूची के प्रत्येक मामलों में तत्काल नियमों-अधिनियमों के तहत अतिक्रमण हटाए जाने एवं सुरक्षा के सभी उपाय संबंधित व्यक्ति/संस्था के माध्यम से सुनिश्चित कराने की कार्यवाही करवाई जाएगी। तत्संबंधी कार्यवाही नगर परिषद क्षेत्रों में सभी स्थानीय नगरीय निकाय के सीएमओ द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में की जाएगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की कार्यवाही के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत एवं संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवों को दायित्व सौंपा गया है।
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जनता के लिए जारी किया नंबर
उक्त कार्य में संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार) आवश्यक सहयोग करते हुए सुरक्षा के समस्त उपायों को सुनिश्चित कराएंगे। एक माह में उपरोक्तानुसार कार्यवाही संपादित करते हुए की गई कार्यवाही की समस्त जानकारी की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। यदि कहीं इस प्रकार के खतरनाक कुओं/बावड़ी की जानकारी किसी के संज्ञान में आती है तो कलेक्टर कार्यालय के आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0731-2365534 पर इसकी सूचना दी जा सकती है।
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बोरिंग खुले मिले तो मकान मालिक पर कार्रवाई
इंदौर जिले की सीमा क्षेत्रान्तर्गत अनुपयोगी अथवा खुले पड़े हुए बोरवेल को लोहे के मजबूत ढक्कन / केप से नट बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद करने के संबंध में धारा-144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार इंदौर में जिन बारेवेल का उपयोग नहीं किया जाता है या जिन बोरवेल में मोटर नहीं डाली है तथा जिनमें बोर केप नहीं लगा हुआ है, उक्त खुले बोरो में बोर केप संबंधित मकान मालिक/किसान/संस्था को लगवाया जाना जरूरी होगा। साथ ही आदेशित किया गया है कि अनुपयोगी अथवा खुले पड़े हुए बोरवेल को लोहे के मजबूत ढक्कन /केप से नट बोल्टों की सहायता से मजबूती के साथ बंद किया जाए। कहा है कि संबंधित क्षेत्र के कार्यपालिक मजिस्ट्रेट क्षेत्र का भ्रमण कर उक्त व्यवस्था सुनिश्चित करवाए जाने हेतु उत्तरदायी होंगे। उक्त आदेश का उल्लघंन धारा 188 भारतीय दण्ड विधान अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।
घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, घटना के संबंध में साक्ष्य बुलाए गए
इंदौर के स्नेह नगर क्षेत्र में स्थित श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में गत 30 मार्च को हुई दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू हो गई है। जांच के लिए अपर कलेक्टर अभय बेड़ेकर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बेड़ेकर द्वारा घटना की जांच हेतु साक्ष्य आमंत्रित किए गए हैं। यह भी कहा गया है कि किसी व्यक्ति/संस्था या अन्य के द्वारा उक्त घटना के संबंध में कथन/साक्ष्य/अन्य दस्तावेज/जानकारी या अन्य प्रकार का साक्ष्य आदि प्रस्तुत किया जाना हो तो वे लिखित/मौखिक रूप से जांच अधिकारी के समक्ष कलेक्टर कार्यालय के प्रशासनिक संकुल भवन के कक्ष क्रमांक-103 में 02 अप्रैल से 06 अप्रैल 2023 तक (अवकाश के दिनों को छोड़कर) कार्यालयीन समय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
