Indore: ओंकारेश्वरे मेें 40 घंटे बाद बही नर्मदा की धार, सूखी नदी दो दिन पैदल पार कर सकते थे लोग
इंदौर-खंडवा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बना रहा है। बड़वाह के समीप नर्मदा नदी पर 1275 मीटर लंबा ब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। नर्मदा नदी के मध्य हिस्से में पिलरों के निर्माण के लिए नदी का पानी रोकने की जरुरत थी।
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हमेशा प्रवाहमान रहने वाली नर्मदा नदी को पहली बार ओंकारेश्वरे वासियों ने सूखा देखा। 40 घंटे तक पानी को ओंकारेश्वरे डेम पर पूरी तरह रोक दिया गया। इस कारण नागर घाट पर नदी सूख गई। नदी के तल की चट्टानें दिखाई दे रही थी। लोग नर्मदा नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल जा सकते थे। नर्मदा के इस रुप को देखनेे के लिए कई लोग पैदल ही नदी में घूमे।
इंदौर-खंडवा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण फोरलेन बना रहा है। बड़वाह के समीप नर्मदा नदी पर 1275 मीटर लंबा ब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। नर्मदा नदी के मध्य हिस्से में पिलरों के निर्माण के लिए नदी का पानी रोकने की जरुरत थी।
प्राधिकरण ने पानी रोकने की मांग की थी। इस कारण शुक्रवार रात को बांध से पानी बहाना बंद कर दिया गया। दो-तीन घंटे बाद ओंकारेश्वरे में नदी के घाटों से पानी उतरने लगा। शनिवार सुबह नदी को लोग पैदल पार सकते थे। 40 घंटे तक नदी के लिए बांध का पानी नहीं छोड़ा गया।
इस दौरान पिलरों का निर्माण एनएचएआई ने पूरा कर लिया। इसके बाद सोमवार रात डेम से नदी के लिए फिर पानी छोड़ा गया। इससे पहले हूटर बजाकर घाट पर चेतावनी दी गई, ताकि नदी के घाट पर खड़े लोग सचेत हो जाए।
सोमवार सुबह नर्मदा नदी पहले की तरह प्रवाहमान नजर आई। बड़वाह में कटघड़ा के समीप नया ब्रिज तैयार हो रहा है। फिलहाल बड़वाह से मोरटक्का के बीच दो लेन ब्रिज बना हुआ है।
संकरा होने के कारण ब्रिज पर आए दिन यातायात बाधित होता है इसके अलावा बाढ़ के समय पानी ब्रिज के उपर से बहता है। तब भी आवागमन रुक जाता है। नए ब्रिज में यह समस्या नहीं आएगी।
