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Indore News: फादर वर्गीस की इच्छा पूरी, दफनाने के बजाए मुक्तिधाम में किया अंतिम संस्कार
Tue, 28 Mar 2023 09:15 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Tue, 28 Mar 2023 09:15 PM IST
सार
फादर वर्गीस सर्वधर्म समितियों से जुड़े थे और शहर के सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय रहते थे। ४ मार्च को उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। उसके बाद से उन्हें सांस लेने में परेशानी आ रही थी। वे राबर्ड नर्सिंग होम में भर्ती थे। उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली।
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फादर वर्गीस की अंत्येष्टी मुक्तीधाम में की गई।
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
इंदौर के रामबाग मुक्तिधाम में मंगलवार को अलग ही नजारा था। यहां एक अंत्येष्टि के दौरान प्रेयर भी हुई और श्लोक भी गूंजे। गमगीन माहौल में ईसाई समाज ने फादर वर्गीस को अंतिम विदाई दी और विद्युत शवदाहगृह में अंतिम संस्कार किया गया।
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इंदौर में यूनिवर्सल सॉलीडेटरी मूवमेंट के फाउंडर रहे फादर वर्गीस आलेंगाडन का 70 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मृत्यु से पहले इच्छा जताई थी कि उन्हें मृत्यु के बाद कब्रस्तान में दफनाने के बजाए मुक्तिधाम ले जाकर अंतिम संस्कार किया जाए। शहर में संभवतः यह पहला मौका है जब किसी फादर का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में हुआ।
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सर्वधर्म समितियों से जुड़े थे फादर
फादर वर्गीस सर्वधर्म समितियों से जुड़े हुए थे और शहर के सामाजिक संगठनों में भी सक्रिय रहते थे। चार मार्च को उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। उसके बाद से उन्हें सांस लेने में परेशानी आ रही थी। वे रॉबर्ट नर्सिंग होम में भर्ती थे। उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। केरल से उनके परिवार के लोग इंदौर पहुंचे और मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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अंगदान भी करना चाहते थे
फादर वर्गीस के परिजनों ने बताया कि वे गांधीवादी विचारों को मानते थे और कहते थे कि दूसरे धर्म की जो अच्छी परंपरा है। उसे भी मानना चाहिए। उनके पास न कोई संपत्ति थी और न बैक अकाउंट। वे कहते थे कि मरने के बाद मैं नहीं चाहता कि छह फीट जमीन का कब्जा करूं, इसलिए उन्होंने मृत्यु के बाद विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी।
