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Indore: 8वीं से लेकर मास्टर डिग्री तक की फर्जी मार्कशीट बनाते थे, पांच साल में कमाए करोड़ों रुपए
Mon, 31 Jul 2023 04:44 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Mon, 31 Jul 2023 04:44 PM IST
सार
पुलिस ने इंदौर में फर्जी मार्कशीट fake marksheet बनाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ा है, इन्होंने हजारों छात्रों को फर्जी मार्कशीट बनाकर दी है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में फर्जी मार्कशीट fake marksheet बनाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ाया है। यह गिरोह पिछले पांच साल से फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहा था। विजयनगर पुलिस द्वारा गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इंदौर से आपरेट हो रहे इस गिरोह के सदस्य यहीं से देश के अन्य राज्यों का भी काम करते थे। गिरोह के सदस्य डिमांड के हिसाब से फर्जी मार्कशीट बनाया करता था। पता चला है कि ये बी-फार्मा, डी-फार्मा सहित 10वीं-12वीं की सभी मार्कशीट्स को तैयार कर देते थे।
निजी कंपनियों में काम करने वाले बनवाते थे मार्कशीट
गिरोह के सदस्यों से अधिकतर वे युवा मार्कशीट बनवाते थे जो निजी कंपनियों में नौकरी की तलाश करते थे। ये लोग नौकरी तलाशने से कुछ दिन पहले मार्कशीट बनाकर देने का कह देते थे और कुछ ही दिन में गिरोह जिस विवि और जिस विषय की मार्कशीट चाहिए हो बनाकर दे देता था।
8वीं से लेकर मास्टर डिग्री तक
डीसीपी अभिषेक आनंद ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है। इन दोनों ने अब तक हजारों फर्जी मार्कशीट बनाई हैं। यह 8वीं, 10वीं से लेकर बीए.एमएस बीएचएमएस, लैब टेक्नीशियन, एम.फार्मा, डी.फार्मा सहित कई अन्य विषयों की मार्कशीट बनाते थे। पुलिस ने आरोपी दिनेश पिता सेवक राम तिरोले और उसका अन्य साथी मनीष राठौर निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों ने अब तक हजारों की संख्या में मार्कशीट बनाकर बाजार में कई लोगों को दी है।
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बैंक खातों की जानकारी भी निकाल रही पुलिस
डीसीपी ने बताया कि फर्जी मार्कशीट बनाकर आरोपियों ने करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति जुटा ली है। पुलिस संपत्ति की भी जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की भी जानकारी निकाल रही है। जल्द ही इनके अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपियों द्वारा मार्कशीट्स को दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य प्रांतों में भी बेचा जाता था।
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निजी कंपनियों में काम करने वाले बनवाते थे मार्कशीट
गिरोह के सदस्यों से अधिकतर वे युवा मार्कशीट बनवाते थे जो निजी कंपनियों में नौकरी की तलाश करते थे। ये लोग नौकरी तलाशने से कुछ दिन पहले मार्कशीट बनाकर देने का कह देते थे और कुछ ही दिन में गिरोह जिस विवि और जिस विषय की मार्कशीट चाहिए हो बनाकर दे देता था।
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8वीं से लेकर मास्टर डिग्री तक
डीसीपी अभिषेक आनंद ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है। इन दोनों ने अब तक हजारों फर्जी मार्कशीट बनाई हैं। यह 8वीं, 10वीं से लेकर बीए.एमएस बीएचएमएस, लैब टेक्नीशियन, एम.फार्मा, डी.फार्मा सहित कई अन्य विषयों की मार्कशीट बनाते थे। पुलिस ने आरोपी दिनेश पिता सेवक राम तिरोले और उसका अन्य साथी मनीष राठौर निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों ने अब तक हजारों की संख्या में मार्कशीट बनाकर बाजार में कई लोगों को दी है।
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बैंक खातों की जानकारी भी निकाल रही पुलिस
डीसीपी ने बताया कि फर्जी मार्कशीट बनाकर आरोपियों ने करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति जुटा ली है। पुलिस संपत्ति की भी जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की भी जानकारी निकाल रही है। जल्द ही इनके अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपियों द्वारा मार्कशीट्स को दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य प्रांतों में भी बेचा जाता था।
