Indore:बायपास केे ढाबे बने नशे का अड्डा, देर रात तक झलकते है जाम, पार्किंग में खुले आम नशा
बायपास पर ढाबों पर शराबखोरी युवा ग्राहकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। पिछले सप्ताह कार सवार युवक की बायपास पर मौत हो गई। कार में सवार उसका साथी और एक युवती गंभीर रुप से घायल हुए। तीनों बायपास के ढाबे से रात को घर की तरफ लौट रहे थे।
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शहर में शराब की दुकानें साढ़े 11 बजे और बार 12 बजे तक बंद हो जाते है, लेकिन नशा करने वालों के लिए बायपास का विकल्प खुला हैै। यहां के ढाबों मेें रातभ नशेडियों की भीड़ देखी जा सकती है। यहां न रात 12 बजे नशा बंद करने का नियम पर अमल होता है और न पुलिस गश्त करती नजर आती है। युवकों के ग्रुप खुलेआम पार्किंग मेें ही शराब के जाम टकराते रहतेे है।
शहर के बार और पबों मेें प्रशासन सख्ती के कारण 12 बजे तक ग्राहकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है, लेकिन जिन्हें देर रात शराब पार्टी करने का शौक है, वे सीधे बायपास की राह पकड़ते है। बायपास पर अेामेक्स सिटी के आगे मांगलिया तक के कुछ ढाबों पर रात बार बजे बाद रौनक रहती है। शराब पीने के बाद युवक युवतियों केे ग्रुप यहां खाना खाने आते है। ज्यादातर ढाबों के भीतर और बाहर नशा करते है।
कुछ ढाबों को तो संचालनों ने आधुनिक तरीके से तैयार किया है। पब की तरह यहां डिस्को थैक बनाए गए है और उनका इंटीरियर भी पबों की तरह है। बस काउंटर पर शराब के बजाए कोल्डड्रिंग्स मिलते है। ढाबे पर दिखावे के लिए ‘यहां शराब पीना मना है’ के बोर्ड लगे है, लेकिन कुछ ग्राहक शराब पीते नजर आते है। जो ग्राहक बड़े ग्रुप के साथ आते है, उन्हें पार्किंग में जाकर शराब पीकर ढाबे में आने का कर्मचारी कहते है।
लौटते समय होते है बायपास पर हादसे
बायपास पर ढाबों पर शराबखोरी युवा ग्राहकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। पिछले सप्ताह कार सवार युवक की बायपास पर मौत हो गई। कार में सवार उसका साथी और एक युवती गंभीर रुप से घायल हुए। तीनों बायपास के ढाबे से रात को घर की तरफ लौट रहे थे। पिछले माह भी एक कार वाहन से बायपास पर टकरा गई थी। बायपास पर पुलिस भी गश्त नहीं करती, इसलिए खुलेआम सड़क किनारे नशाखोरी बढ़ने लगी है।
