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AI का कमालः इंदौर के स्टूडेंट्स ने बनाए बार्डर पर चौकसी करने वाले रोबोट, रात में भी आतंकियों को पकड़ेंगे
Fri, 02 Jun 2023 06:29 AM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 02 Jun 2023 06:29 AM IST
सार
आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की राह... लाखों की कीमत के रोबोट की कास्ट कम करके दस से 20 हजार के बीच लाए, आर्मी को मिलेगी मदद, उद्योगों में भी आएंगे काम
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इंदौर के छात्र बना रहे भविष्य के बेहतर रोबोट
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर के स्टूडेंट्स ने बार्डर पर चौकसी करने वाले रोबोट तैयार कर लिए हैं। यह इतने एडवांस्ड हैं कि रात में भी सीमा में घुसने वाले आतंकियों को पकड़ लेंगे। यह साइज में भी इतने छोटे हैं कि किसी को आसानी से नजर भी नहीं आएंगे। एआई बेस्ड यह रोबोट Robot देश में नई औद्योगिक क्रांति लाने की भी शुरुआत करेंगे। एसजीएसआईटीएस कालेज की रोबोटिक्स ब्रांच के सुयश शर्मा और जयेश कुमार शर्मा ने इन्हें बनाया है। वे भविष्य में इसके लिए स्टार्टअप भी लाने वाले हैं। उनका उद्देश्य है कम कीमत में भारत में बेहतर एआई AI माडल्स लाना ताकि तकनीक का उपयोग कर देश हर क्षेत्र में अपना परचम फहरा सके।
अमर उजाला से बातचीत में सुयश और जयेश ने बताया कि यह एक रोबोटिक्स सर्विलेंस बोट है। यह रोबोटिक्स आपरेटिंग सिस्टम से चलता है। इसे रिमोट से कहीं से भी कंट्रोल कर सकते हैं। यदि इसे आपने बार्डर पर चौकसी के लिए लगाया है या अपनी कंपनी में नजर रखने के लिए लगाया है तो यह दिन रात काम करता रहेगा। यह उस क्षेत्र के कोने कोने में जा सकता है और आपको चारों तरफ के फोटो वीडियो लगातार भेज सकता है। यदि आपको कहीं भी कोई संदेह वाली चीज दिखती है तो आप इसकी मदद से रात में भी उसका पीछा कर सकते हैं।
इंटनेट के बिना भी काम करेगा
दोनों ने बताया कि यह अभी इंटरनेट बेस्ड माडल है लेकिन यह बाद में लांग रेंज में वहां पर भी काम करेगा जहां पर इंटरनेट नहीं है। इसके कैमरे हाई क्वालिटी रहेंगे जो बहुत दूर तक देख सकेंगे। बाद में इसमें जियो मेपिंग, एयर ग्राउंड कोलेब्रेशन और ड्रोन एरिया मैप जैसे फीचर्स जुड़ेंगे।
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सामान डिलिवरी करने का काम भी करेगा
दोनों ने बताया कि भविष्य में यह एक माइक्रो रोबोटिक आर्म के रूप में काम करेगा। इसमें कई अन्य फीचर्स जुड़ सकते हैं और यह अलग अलग उपयोग में काम में लिए जा सकते हैं। यह एक से दूसरी जगह पर सामान पहुंचाने का भी काम करेगा।
इतनी जगह काम आएगा
सीमा पर सुरक्षा के लिए
उद्योगों में सामान पहुंचाने के लिए
किसी क्षेत्र में दिन रात नजर रखने के लिए
पुलिस विभाग को चौकसी करने के लिए
वाइल्ड लाइफ में दिनरात शूट करने के लिए
देश को बनाना है तकनीक में मजबूत
जयेश और सुयश ने बताया कि वे देश को तकनीक के माध्यम से हर क्षेत्र में मजबूत बनाना चाहते हैं। वे इसे भविष्य में स्टार्टअप में कन्वर्ट करेंगे। अभी इस तरह के रोबोट लाखों रुपए के आ रहे हैं क्योंकि हर सामान अलग अलग देशों से बुलाया जाता है और बहुत महंगा पड़ता है। वे भारत में उपलब्ध चीजों से ही इसे बना रहे हैं। इसकी कीमत अभी दस से 20 हजार रुपए के बीच है।
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अमर उजाला से बातचीत में सुयश और जयेश ने बताया कि यह एक रोबोटिक्स सर्विलेंस बोट है। यह रोबोटिक्स आपरेटिंग सिस्टम से चलता है। इसे रिमोट से कहीं से भी कंट्रोल कर सकते हैं। यदि इसे आपने बार्डर पर चौकसी के लिए लगाया है या अपनी कंपनी में नजर रखने के लिए लगाया है तो यह दिन रात काम करता रहेगा। यह उस क्षेत्र के कोने कोने में जा सकता है और आपको चारों तरफ के फोटो वीडियो लगातार भेज सकता है। यदि आपको कहीं भी कोई संदेह वाली चीज दिखती है तो आप इसकी मदद से रात में भी उसका पीछा कर सकते हैं।
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इंटनेट के बिना भी काम करेगा
दोनों ने बताया कि यह अभी इंटरनेट बेस्ड माडल है लेकिन यह बाद में लांग रेंज में वहां पर भी काम करेगा जहां पर इंटरनेट नहीं है। इसके कैमरे हाई क्वालिटी रहेंगे जो बहुत दूर तक देख सकेंगे। बाद में इसमें जियो मेपिंग, एयर ग्राउंड कोलेब्रेशन और ड्रोन एरिया मैप जैसे फीचर्स जुड़ेंगे।
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सामान डिलिवरी करने का काम भी करेगा
दोनों ने बताया कि भविष्य में यह एक माइक्रो रोबोटिक आर्म के रूप में काम करेगा। इसमें कई अन्य फीचर्स जुड़ सकते हैं और यह अलग अलग उपयोग में काम में लिए जा सकते हैं। यह एक से दूसरी जगह पर सामान पहुंचाने का भी काम करेगा।
इतनी जगह काम आएगा
सीमा पर सुरक्षा के लिए
उद्योगों में सामान पहुंचाने के लिए
किसी क्षेत्र में दिन रात नजर रखने के लिए
पुलिस विभाग को चौकसी करने के लिए
वाइल्ड लाइफ में दिनरात शूट करने के लिए
देश को बनाना है तकनीक में मजबूत
जयेश और सुयश ने बताया कि वे देश को तकनीक के माध्यम से हर क्षेत्र में मजबूत बनाना चाहते हैं। वे इसे भविष्य में स्टार्टअप में कन्वर्ट करेंगे। अभी इस तरह के रोबोट लाखों रुपए के आ रहे हैं क्योंकि हर सामान अलग अलग देशों से बुलाया जाता है और बहुत महंगा पड़ता है। वे भारत में उपलब्ध चीजों से ही इसे बना रहे हैं। इसकी कीमत अभी दस से 20 हजार रुपए के बीच है।
