{"_id":"63b670dc21cb217666305a3c","slug":"a-crack-came-before-the-conference-another-wall-had-to-be-built","type":"story","status":"publish","title_hn":"PBD Sammelan: रोटरी पर बनाई थी दीवार, उसमें आ गई दरार, उसके सामने बनानी पड़ी दूसरी दीवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PBD Sammelan: रोटरी पर बनाई थी दीवार, उसमें आ गई दरार, उसके सामने बनानी पड़ी दूसरी दीवार
Thu, 05 Jan 2023 04:59 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Thu, 05 Jan 2023 04:59 PM IST
सार
प्रवासी सम्मेलन के दौरान शहर में हो रहे निर्माण की गुणवत्ता की पोल अभी से खुल गई है। सुखलिया चौराहे पर रोटरी की दीवार केे घटिया निर्माण को छिपाने के लिए नगर निगम को नई दीवार बनाना पड़ी।
विज्ञापन
दीवार के आगे बन रही दीवार
- फोटो : amar ujala digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंदौर मेें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के लिए जल्दबाजी में हो रहे कामों में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही इंजीनियरिंग का। जनता के पैसों पर निर्माण किए जा रहे हैं। वह भी घटिया। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के लिए सुखलिया ग्राम चौराहे पर एक माह पहले रोटरी की दीवार बनी थी, जो एक माह भी साथ नहीं दे सकी। उसे सजाने के लिए उस पर पेंटिंग भी की गई थी, लेकिन अब दरार आने की वजह से उसके सामने नई दीवार बनानी पड़ रही है।
सम्मेलन के दौरान शहर में हो रहे निर्माण से शहरवासी इसलिए खुुश है कि उसके बहाने शहर मेें स्थायी तौर पर नए काम हो रहे हैं। हालांकि, जो निर्माण हो रहे हैं, उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सुखलिया ग्राम चौराहे पर सम्मेलन के तीन दिन पहले अचानक 15 फीट लंबाई में दीवार बनाने का काम शुरू हुआ। नई दीवार को पहले बनी दीवार से सटाकर बनाया जा रहा है, क्योंकि पुरानी दीवार कमजोर बनी है और उसमें कुछ जगह दरारें आ गई है। अफसरों का कहना है कि नई दीवार को हम सुंदर और मजबूत बना रहे हैं।
10 डंपर भर दी मिट्टी
चौराहे पर बनी रोटरी में भराव करने में भी अफसरों ने दिमाग नहीं लगाया। दीवार की ऊंचाई चार फीट की है। ऊपरी सतह तक उसमें मिट्टी भर दी गई। दीवार मिट्टी का बोझ सह नहीं पाई और कमजोर हो गई।
विज्ञापन
बाउंड्री वॉल तोड़कर की फेेंसिंग
विज्ञापन
सम्मेलन के दौरान शहर में हो रहे निर्माण से शहरवासी इसलिए खुुश है कि उसके बहाने शहर मेें स्थायी तौर पर नए काम हो रहे हैं। हालांकि, जो निर्माण हो रहे हैं, उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सुखलिया ग्राम चौराहे पर सम्मेलन के तीन दिन पहले अचानक 15 फीट लंबाई में दीवार बनाने का काम शुरू हुआ। नई दीवार को पहले बनी दीवार से सटाकर बनाया जा रहा है, क्योंकि पुरानी दीवार कमजोर बनी है और उसमें कुछ जगह दरारें आ गई है। अफसरों का कहना है कि नई दीवार को हम सुंदर और मजबूत बना रहे हैं।
विज्ञापन
10 डंपर भर दी मिट्टी
चौराहे पर बनी रोटरी में भराव करने में भी अफसरों ने दिमाग नहीं लगाया। दीवार की ऊंचाई चार फीट की है। ऊपरी सतह तक उसमें मिट्टी भर दी गई। दीवार मिट्टी का बोझ सह नहीं पाई और कमजोर हो गई।
विज्ञापन
बाउंड्री वॉल तोड़कर की फेेंसिंग
चौराहे के पास ही कम्यूनिटी हाॅल है। उसके परिसर में चारों तरफ बाउंड्री वाॅल है। नगर निगम ने एक हिस्से की बाउंड्री वॉल ही तोड़ दी है क्योकि वह पुरानी थी। उसकी मरम्मत करने केे बजाए अफसरों ने उसे तोड़ दिया और तारों की फेेंसिंग कर दी। फेंसिंग के आसपास दस फीट लंबे पेड लगा दिए। यहां के ब्रिज की रैलिंग पर ही नई रैलिंग वेल्ड कर दी गई।
