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इंदौर: लालबाग पैलेस पर जुटे आदिवासी समाजजन, डीलिस्टिंग को लेकर निकाली रैली, कलेक्टोरेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
Sun, 08 May 2022 05:07 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 08 May 2022 05:07 PM IST
सार
डीलिस्टिंग को लेकर इंदौर में आदिवासी समाजजन ने रैली निकाली। सैकड़ों समाजजन शामिल हुए। महिलाओं ने भी सहभागिता की। लालबाग पैलेस पर सभी एकत्र हुए जहां से रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
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इंदौर में निकली रैली में शामिल आदिवासी समाजजन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
डीलिस्टिंग को लेकर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस क्रम में इंदौर में भी इस मामले को लेकर रैली निकाली गई। लालबाग पैलेस पर आदिवासी समाजजन जुटे और रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।
दरअसल जनजाति समाज में धर्म परिवर्तित करके कुछ समुदाय के लोग सरकारी योजना, छात्रवृत्ति और नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। इन्हें समाज से बाहर निकलने को लेकर समाजजनों ने मोर्चा खोला है। रविवार को लालबाग पैलेस से इसी विषय को लेकर रैली निकाली गई। लोगों ने हाथों में डी-लिस्टिंग को लेकर पोस्टर थाम रखे थे। मार्ग पर कई जगह लगे मंचों से रैली निकलने वालों का स्वागत किया गया। आधे घंटे में रैली कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे। फिर समाजजन ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सैकड़ों आदिवासी समाजजन उपस्थित रहे। जनजाति समाज द्वारा पहले समाजजनों को संबोधित किया गया, जिसमें विभिन्न समाज के पदाधिकारियों ने डी-लिस्टिंग को लेकर अपनी बात रखी। समाज के मदन वास्केल ने कहा कि 2006 में जनजाति सुरक्षा मंच का गठन किया गया और धर्म बदलकर एसटी का लाभ लेने वालों का विरोध कर रहे है। इन्हें सूची से हटाने के लिए जिला स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। बाद में एकत्रित हुए समाजजनों ने रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। बता दें कि मप्र के अन्य जिलों में भी डीलिस्टिंग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं और रैली निकाली जा रही है।
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दरअसल जनजाति समाज में धर्म परिवर्तित करके कुछ समुदाय के लोग सरकारी योजना, छात्रवृत्ति और नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठा रहे हैं। इन्हें समाज से बाहर निकलने को लेकर समाजजनों ने मोर्चा खोला है। रविवार को लालबाग पैलेस से इसी विषय को लेकर रैली निकाली गई। लोगों ने हाथों में डी-लिस्टिंग को लेकर पोस्टर थाम रखे थे। मार्ग पर कई जगह लगे मंचों से रैली निकलने वालों का स्वागत किया गया। आधे घंटे में रैली कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे। फिर समाजजन ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सैकड़ों आदिवासी समाजजन उपस्थित रहे। जनजाति समाज द्वारा पहले समाजजनों को संबोधित किया गया, जिसमें विभिन्न समाज के पदाधिकारियों ने डी-लिस्टिंग को लेकर अपनी बात रखी। समाज के मदन वास्केल ने कहा कि 2006 में जनजाति सुरक्षा मंच का गठन किया गया और धर्म बदलकर एसटी का लाभ लेने वालों का विरोध कर रहे है। इन्हें सूची से हटाने के लिए जिला स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। बाद में एकत्रित हुए समाजजनों ने रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। बता दें कि मप्र के अन्य जिलों में भी डीलिस्टिंग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं और रैली निकाली जा रही है।
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