फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Harda News ›   MP News 14-year-old child going to school dies in Harda

MP News: हरदा में हंसते-खेलते स्कूल गया 14 साल का बच्चा, चक्कर खाकर गिरा और हो गई मौत

Sat, 10 Dec 2022 12:23 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 10 Dec 2022 12:23 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के हरदा में ऐसा मामला सामने आया कि किसी को यकीन ही नहीं हो पा रहा है। 14 साल के बच्चा स्कूल में चक्कर खाकर गिरा और उसकी मौत हो गई। इसकी वजह हार्ट अटैक बताया जा रहा है।

विज्ञापन
MP News 14-year-old child going to school dies in Harda
तनिश - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरदा जिले के एक प्राइवेट स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ने वाले तनिश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह रोज की तरह हंसते-खेलते ही स्कूल गया था। वहां उसे चक्कर आया और वह गिर गया। स्कूल वालों ने पानी पिलाने की कोशिश की। फिर घर छोड़ आए। परिजन बच्चे को अस्पताल में ले गए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि बच्चे की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। इसकी पुष्टि विसरा की जांच के बाद ही हो सकेगी। 

विज्ञापन


मामला हरदा जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर नकवाड़ा के रेड फ्लॉवर स्कूल का है। शुक्रवार को 14 साल का तनिश रोज की तरह स्कूल पहुंचा था। स्कूल के प्राचार्य एसएन शर्मा का कहना है कि तनिश को अचानक चक्कर आया और वह गिर गया। उसे हमने पानी पिलाया। फिर परिजनों को कॉल किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल वे लेकर जाएंगे। हमने दो शिक्षकों के साथ बच्चे को घर भिजवा दिया। तनिश के पिता दिनेश सैनी एक कितान हैं। तनिश की एक छोटी बहन भी है। तनिश की मां रुचिता ने बताया कि स्कूल जाने से पहले वह ठीक था। उसे पहले से कोई बीमारी नहीं थी। हमें तो पता ही नहीं था कि खेलता-कूदता स्कूल गया तनिश अब कभी लौटकर नहीं आएगा। 
विज्ञापन


कार्डियक अरेस्ट हो सकता है कारण
तनिश का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल में हुआ। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश रघुवंशी ने मीडिया से कहा कि कार्डियक अरेस्ट की शंका को इनकार नहीं किया जा सकता। उसका एलर्जी का इलाज भी चल रहा था। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. शैलेंद्र परिहार ने कहा कि फेफड़े और हार्ट के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। विसरा सुरक्षित रखा है। शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं है। मौत की वजह फेफड़े या हार्ट की कोई दिक्कत हो सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल के रिस्पॉन्स पर उठ रहे हैं सवाल 
स्कूल में चक्कर आने पर परिजनों को सूचना दी गई। प्राचार्य का दावा है कि घरवालों ने कहा था कि वे बच्चे को अस्पताल लेकर जाएंगे। इस वजह से दो शिक्षकों के साथ बच्चे को घर भिजवा दिया। वहीं, परिजन कह रहे हैं कि बच्चे को अस्पताल लेकर जाते तो जान बचाई जा सकती थी। स्कूल से जिला अस्पताल 20 किमी दूर है और घर तीन किलोमीटर। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को अस्पताल लाने से करीब तीस मिनट पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed