एमपी: मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता ने डांटा तो घर छोड़ गईं तीन बहनें, साइबर सेल ने दिल्ली से ढूंढ निकाला
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र से लापता हुई तीन बहनों को पुलिस ने दिल्ली के एक चाइल्ड केयर सेंटर में सुरक्षित खोज लिया है। मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता की डांट से नाराज होकर तीनों 27 अक्टूबर को घर छोड़ गई थीं। पुलिस टीम उन्हें वापस ग्वालियर लाने दिल्ली रवाना हुई है।
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ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के बड़ागांव से लापता हुई तीन बहनों को पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षित खोज निकाला है। मोबाइल पर बात करने को लेकर पिता की डांट से नाराज तीनों बहनें 27 अक्तूबर को घर छोड़कर चली गई थीं। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और साइबर सेल की मदद से उनकी लोकेशन ट्रेस करते हुए दिल्ली तक पहुंच गई। अब तीनों बहनों को वापस ग्वालियर लाने के लिए पुलिस की टीम दिल्ली रवाना हो गई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों बहनें दिल्ली के एक चाइल्ड केयर सेंटर में मिली हैं और उनकी सुरक्षा की पुष्टि कर ली गई है।
मुरार थाना प्रभारी गोविंद बंगौली के मुताबिक, बड़ागांव निवासी राम सिंह की पहली पत्नी का करीब चार साल पहले निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनकी 14 साल की बेटी भाग्यश्री है। इसके बाद राम सिंह ने दूसरी शादी की। उनकी दूसरी पत्नी मधु की पहले से दो बेटियां हैं। इनमें 18 साल की प्रियंका और 16 साल की किशोरी शामिल है। परिवार में तीनों बहनें साथ रहती थीं। पुलिस के मुताबिक, 26 अक्तूबर को पिता राम सिंह ने छोटी बेटी भाग्यश्री को मोबाइल पर बात करते हुए देखा था। इस दौरान उन्होंने बेटी को डांट दिया। पिता की डांट से नाराज होकर तीनों बहनों ने घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
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#WATCH | Madhya Pradesh | City Superintendent of Police (CSP) in Gwalior, Robin Jain says, "An incident occurred within the jurisdiction of the Morar police station, in the Bade Gaon area. After their father scolded them for using their mobile phones, the three girls decided together to leave home—they went missing from Gwalior. We registered a case of kidnapping; given that it involved three girls, the police treated the matter with the utmost seriousness. Under the guidance of senior officials, the Murar team worked continuously on the case. We have now received information that the girls are at a child care centre in Delhi. This has been verified, and officials there have already questioned them. Our team is currently on its way there; we will bring them back, record their statements, complete the necessary legal procedures, and then hand them over to their families..."
— ANI (@ANI) October 30, 2026
अगले दिन 27 अक्तूबर को जब पिता काम पर गए हुए थे और मां बाजार गई थीं, उसी दौरान शाम करीब पांच बजे तीनों बहनें घर से निकल गईं। काफी देर तक जब तीनों वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन तीनों का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने मुरार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तीनों बहनों की तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने सबसे पहले आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संभावित रास्तों पर भी जांच की गई। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से तीनों बहनों की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया गया। पुलिस की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार तीनों बहनों की लोकेशन दिल्ली में मिली। जांच के दौरान जानकारी सामने आई कि तीनों दिल्ली के एक चाइल्ड केयर सेंटर में मौजूद हैं। पुलिस ने सेंटर से संपर्क कर उनकी मौजूदगी और सुरक्षित होने की पुष्टि की।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि तीनों बहनों के दिल्ली में चाइल्ड केयर सेंटर में होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने वहां से उनकी मौजूदगी को वेरीफाई कर लिया है। अब ग्वालियर पुलिस की टीम दिल्ली पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी और तीनों बहनों को वापस ग्वालियर लाएगी। ग्वालियर पहुंचने के बाद तीनों बहनों को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। साथ ही उनकी काउंसलिंग भी कराई जाएगी, ताकि घर छोड़ने के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता तीनों बहनों को सुरक्षित ग्वालियर लाना और उनके परिवार से मिलाना है।
