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Tansen Samaroh: शास्त्रीय संगीत के महाकुंभ में जिम्बाब्वे की प्रस्तुति पर बवाल, संस्कृति विभाग निशाने पर

Fri, 23 Dec 2022 01:27 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: रवींद्र भजनी Updated Fri, 23 Dec 2022 01:27 PM IST
सार

ग्वालियर में विश्व संगीत के महाकुंभ तानसेन समारोह के मंच पर जिम्बाब्वे के बैंड की प्रस्तुति ने कई लोगों को नाराज कर दिया है। कुछ ने इसे अश्लील बताते हुए संस्कृति विभाग की सोच पर सवाल उठा दिए हैं।  
 

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Tansen Samaroh: Uproar over Zimbabwe's performance in the Mahakumbh of classical music
तानसेन समारोह के मंच पर जिम्बाब्वे के बैंड की प्रस्तुति पर बवाल मचा है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिल्म पठान में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के एक गीत को लेकर हंगामा मचा है। भारतीय संस्कृति को खतरा बताया जा रहा है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा तो इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की बात कह चुके हैं। उसी मध्यप्रदेश में संस्कृति विभाग के आयोजन में जिम्बाब्वे के बैंड की प्रस्तुति ने अश्लीलता परोसकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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संस्कृति विभाग हर साल भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय संगीत के सबसे बड़े महाकुंभ तानसेन समारोह का आयोजन करता है। इसके मंच पर जिम्बाब्वे के बैंड की प्रस्तुति हुई। इस दौरान जिम्बाब्वे के कलाकारों ने डांस किया, जिससे कई लोग नाराज हैं। प्रदेश के संस्कृति विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कलाकारों के साथ-साथ दर्शकों का कहना है कि जिम्बाब्वे के बैंड की प्रस्तुति अश्लील थी। यह मंच शालीनता का है, लेकिन उसी मंच पर बैंड की प्रस्तुति गलत था। शहर के सहित्यकार और आम लोग भी सोशल मीडिया पर तानसेन समारोह में आ रही है गिरावट पर चिंता जता रहे हैं। संस्कृति विभाग पर तंज कसे जा रहे हैं।  
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संस्कृति विभाग आया निशाने पर
तानसेन समारोह समिति के पूर्व सदस्य डॉ. ईश्वरचंद करकरे ने कहा कि जिम्बाब्वे की प्रस्तुति सही नहीं है। यह मंच शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देता है। दुनियाभर की शास्त्रीय संगीत प्रतिभाओं को मंच पर लाना था। जो हुआ, वह ठीक नहीं है। इसी तरह ध्रुपद कलाकार युमनेश नागर ने कहा कि जो हुआ वह बहुत फूहड़ था। यह नहीं होना चाहिए था। यह इस तरह के डांस का मंच नहीं है। यह तो महान संगीतकार की श्रद्धांजलि सभा है। इस तरह के डांस से उनका अपमान हुआ है। हालांकि, डायरेक्टर जयंत भिसे ने इसका बचाव किया। उन्होंने कहा कि जब विशुद्ध शास्त्रीय संगीत की बात आती है तो वह भी होता है। यह विश्व संगीत का मंच है और जिम्बाब्वे के बैंड ने अपने देश के गाने प्रस्तुत किए। क्या होना चाहिए, क्या नहीं, इस पर चर्चा हो सकती है। 
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बड़े-बड़े दिग्गज दे चुके हैं प्रस्तुति
तानसेन समारोह के मंच पर पंडित रविशंकर, पंडित भीमसेन जोशी, पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर, गंगू बाई हंगल, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसे दिग्गज कलाकार प्रस्तुतियां दे चुके हैं। उसी मंच पर विदेशी कलाकार भारतीय शास्त्रीय संगीत की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। जिम्बाब्वे के बैंड के मुख्य कलाकार चिमांगा ने अपनी टीम के साथ अफ्रीकन वाद्य यंत्रों के साथ डांस किया। बैंड की प्रस्तुति से कलाकार आहत हैं। उनका कहना है कि आयोजन समिति और विभाग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। अगर विदेशी कलाकारों की प्रस्तुति होना है तो उनके लिए अलग से मंच होना चाहिए।


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