फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Gwalior-Chambal temperature increases as compared to india

कड़ाके की ठंड में भी 'गर्मी' से जूझ रहे ग्वालियर-चंबल, 120 साल में 8वीं बार हो रहा ऐसा

Fri, 08 Jan 2021 07:43 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ग्वालियर Published by: प्रियंका तिवारी Updated Fri, 08 Jan 2021 07:43 PM IST
विज्ञापन
Gwalior-Chambal temperature increases as compared to india
मौसम का हाल - फोटो : अमर उजाला।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया था कि वर्ष 1901 के बाद से साल 2020 आठवां सबसे अधिक गर्म वर्ष रहा। इसका मतलब यह हुआ कि 120 साल में 8वीं बार ऐसा हुआ जब कोई वर्ष सबसे अधिक गर्म रहा। हालांकि, 2016 की सबसे अधिक गर्मी की तुलना में साल 2020 में गर्मी कम रही। आईएमडी के मुताबिक, गुजरे हुए दो दशक 2001-2010 और 2011-2020 भी सबसे गर्म दशक दर्ज किए गए।

विज्ञापन


मौसम वैज्ञानिकों ने किया अध्ययन
मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि देश का औसत वार्षिक तापमान सामान्य से 0.29 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। ग्वालियर-चंबल संभाग की बात करें तो यहां का औसत वार्षिक तापमान 0.37 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है।
विज्ञापन


1901 से अब तक 8 साल रहे सबसे अधिक गर्म
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने साल 1901 से मौसम के आंकड़ाें का रिकॉर्ड रखना शुरू किया था। वर्ष 1901 से अब तक 8 साल सबसे अधिक गर्म रहे, जिनमें साल 2020 आठवां है। अध्ययन से यह भी पता चला है  कि वर्ष 1901 से 2020 तक अधिकतम औसत तापमान 0.99 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है जबकि न्यूनतम तापमान सिर्फ 0.24 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लॉकडाउन के दौरान की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि ग्वालियर-चंबल संभाग का औसत वार्षिक तापमान साल 2020 में सबसे अधिक बढ़ा। वहीं, लॉकडाउन के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग का औसत तापमान और कम रहा। इसकी बड़ी वजह प्रदूषण के स्तर का कम होना माना जा रहा है।

बारिश के आंकड़े
देशभर  का औसत बारिश का कोटा 880 मिमी है। इस साल भारत में 960 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य से 9% ज्यादा है। वहीं, मध्य प्रदेश का औसत बारिश का कोटा 941 मिमी है। साल 2020 में 991 मिमी बारिश हुई। यह औसत से 5% ज्यादा है। ग्वालियर-चंबल संभाग का औसत बारिश का कोटा 764 मिमी है। जबकि वर्ष 2020 में बारिश 633 मिमी हुई है। यानी सामान्य से 17% बारिश कम हुई है। ग्वालियर जिले में औसत बारिश का कोटा 748 मिमी है। जबकि वर्ष 2020 में 519 मिमी हुई है। यह 31% कम है।


औसत बारिश में भी आई कमी
देश की तुलना में ग्वालियर-चंबल संभाग का औसत वार्षिक तापमान अधिक बढ़ा है। साथ ही औसत बारिश में भी कम आई है। सीजन के हिसाब से भी ग्वालियर-चंबल संभाग का औसत तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ा है। ऐसा  प्रदूषण के स्तर मे बढ़ोतरी सा हुआ है। साथ ही  हरियाली का क्षेत्र भी घटा है। इस वजह से साल 2020 में अधिकतम औसत तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि साल 2020 में मप्र में बिजली गिरने से 72 लोग मर गए जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में 13 लोगों ने जान गंवा दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed