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गुना: कर्मचारी कल्याण आयोग के अध्यक्ष की हुई नियुक्ति, अब हो सकेगा समस्याओं का निराकरण
Thu, 10 Feb 2022 02:06 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 10 Feb 2022 02:06 PM IST
सार
मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की मांग पर प्रदेश सरकार ने कर्मचारी कल्याण आयोग का पुनर्गठन किया है। पूर्व प्रमुख सचिव वित्त गोपाल प्रसाद सिंघल को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
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मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राज्य सरकार ने कर्मचारी कल्याण आयोग के पुनर्गठन के बाद पूर्व प्रमुख सचिव जीपी सिंघल को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। संयुक्त मोर्चा द्वारा लगातार जारी मुहिम के तहत 28 जनवरी 2022 को मध्य प्रदेश राजपत्र असाधारण के द्वारा पूर्व प्रमुख सचिव वित्त जीपी सिंघल को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। संयुक्त मोर्चा ने 17 दिसंबर 2021 को मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र एवं ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी कल्याण समिति के स्थान पर संवैधानिक रूप से वैद्य कर्मचारी कल्याण आयोग के गठन की मांग की थी, जिसके लिए प्रदेशभर से सीएम को ज्ञापन भेजे गए थे।
संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय सचिव इंद्र कुमार शुक्ला, जिला अध्यक्ष गुना आलोक नायक के अनुसार प्रदेश में 2013 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारी कल्याण आयोग के गठन का संकल्प लिया था, जिस पर प्रदेश के कुछ तथाकथित फर्जी कर्मचारी संगठनों और उनके नेता कर्मचारी कल्याण समिति के गठन की तैयारी कर रहे थे। जब ये बात संयुक्त मोर्चा के संज्ञान में आई तो मोर्चा के प्रांत अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, कार्यवाहक प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा एवं मोर्चा के प्रदेश संयोजक एसबी सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करते हुए ज्ञापन सौंपा और 2013 में पार्टी के संकल्प पत्र में उल्लेखित कर्मचारी कल्याण आयोग के गठन से अवगत कराया। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कर्मचारी कल्याण आयोग का गठन करते हुए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है।
संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने बताया कि प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने में अब मदद मिलेगी। सातवें वेतनमान अनुसार आवासीय भत्ता, मुख्यमंत्री चिकित्सा योजना का लाभ, निजी चिकित्सालय में इलाज की सुविधा, 32 वर्ष के सेवाकाल में चार समय मान, लिपिकों की वेतन विसंगति, लघु वेतन, कर्मचारियों का पद नाम परिवर्तन जैसे मुद्दे अब कर्मचारी कल्याण आयोग के माध्यम से आसानी से निपटाए जा सकेंगे।
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मोर्चा नेताओं ने कहा कि बकाया महंगाई भत्ता और उसके एरियर को लेकर शीघ्र ही प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से चर्चा करेगा। इसके लिए संयुक्त मोर्चा ने एक पत्र सीएम को प्रेषित किया है। संभावना है कि अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता मिल सकेगा। नहीं मिलने की स्थिति में संयुक्त मोर्चा मार्च में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी बना रहा है।
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संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय सचिव इंद्र कुमार शुक्ला, जिला अध्यक्ष गुना आलोक नायक के अनुसार प्रदेश में 2013 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कर्मचारी कल्याण आयोग के गठन का संकल्प लिया था, जिस पर प्रदेश के कुछ तथाकथित फर्जी कर्मचारी संगठनों और उनके नेता कर्मचारी कल्याण समिति के गठन की तैयारी कर रहे थे। जब ये बात संयुक्त मोर्चा के संज्ञान में आई तो मोर्चा के प्रांत अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, कार्यवाहक प्रांत अध्यक्ष महेंद्र शर्मा एवं मोर्चा के प्रदेश संयोजक एसबी सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करते हुए ज्ञापन सौंपा और 2013 में पार्टी के संकल्प पत्र में उल्लेखित कर्मचारी कल्याण आयोग के गठन से अवगत कराया। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कर्मचारी कल्याण आयोग का गठन करते हुए अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है।
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संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने बताया कि प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करने में अब मदद मिलेगी। सातवें वेतनमान अनुसार आवासीय भत्ता, मुख्यमंत्री चिकित्सा योजना का लाभ, निजी चिकित्सालय में इलाज की सुविधा, 32 वर्ष के सेवाकाल में चार समय मान, लिपिकों की वेतन विसंगति, लघु वेतन, कर्मचारियों का पद नाम परिवर्तन जैसे मुद्दे अब कर्मचारी कल्याण आयोग के माध्यम से आसानी से निपटाए जा सकेंगे।
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मोर्चा नेताओं ने कहा कि बकाया महंगाई भत्ता और उसके एरियर को लेकर शीघ्र ही प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से चर्चा करेगा। इसके लिए संयुक्त मोर्चा ने एक पत्र सीएम को प्रेषित किया है। संभावना है कि अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता मिल सकेगा। नहीं मिलने की स्थिति में संयुक्त मोर्चा मार्च में एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा भी बना रहा है।
