आबरू बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पर दौड़ी युवती के दोनों पैर कटे
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मध्य प्रदेश के होशंगाबाद की एक 23 वर्षीय युवती को अपनी आबरू की कीमत अपने दोनों पैरों को गंवाकर चुकानी पड़ी। दिल दहला देने वाली वारदात बिहार के पटना में घटी। युवती के घरवालों के मुताबिक पिछले दो अक्टूबर को वह पिता के डांटने पर घर से भाग गई थी। अगले दिन पटना स्टेशन पर कुछ बदमाशों ने उसे अपने नापाक मंसूबों का शिकार बनाना चाहा। युवती उनसे बचने के लिए पटरियों के बीच भाग रही थी, तभी ट्रेन की चपेट में आकर उसके दोनों पैर कट गए। घरवालों के मुताबिक हादसे के बाद युवती घंटों बेहोशी हालत में ट्रैक पर पड़ी रही।
खबर लगते ही जीआरपी ने युवती को अस्पताल पहुंचाया। उधर, युवती के घरवालों को जैसे ही पता चला तो उसे वापस होशंगाबाद ले गए। लेकिन वहां अस्पताल में उचित इलाज न मिलने के कारण उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घरवालों की मानें तो पुलिस मामले को बदलने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि युवती दरअसल कुर्ला एक्सप्रेस की महिला बोगी में चढ़ने की कोशिश कर रही थी। बोगी भरी हुई थी, इसलिए पैर फिसलने से युवती इस हादसे का शिकार हो गई।
सीएम शिवराज से युवती की मदद के लिए गुहार
घरवालों का यह भी आरोप है कि हादसे के बाद जब तक युवती पटना के पीएमसीएच अस्पताल में रही, उसके इलाज में कोताही बरती गई, जिससे उसके शरीर में इन्फेक्शन हो गया। उधर भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भी डॉक्टरों का बर्ताव सही नहीं है।
घरवालों ने बताया कि उनकी बेटी ने मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान को चिट्टी लिखकर मदद मांगी है। युवती ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि वह अपना सब कुछ गंवा चुकी है, मां-बाप को रो-रोकर बुरा हाल है। अगर सीएम साहब मदद करेंगे तो वह फिर से अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है।
