{"_id":"ce144be354c4f2f40179a99c6ce622c8","slug":"family-donates-son-s-body-for-medical-study","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरने के बाद भी मदद कर गए दिलीप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरने के बाद भी मदद कर गए दिलीप
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 07 Jun 2014 02:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक शख्स की मौत एक्सीडेंट में हो गई लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समाज के लिए जो किया वो किसी उपकार से कम नहीं है। उन्होंने मेडिकल छात्रों के लिए अपनी देह का दान कर दिया।
विज्ञापन
ये कहानी है भोपाल के रहने वाले दिलीप काले और प्राची काले की। बुधवार को दिलीप एक सड़क हादसे का शिकार हो गए, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
उनकी पत्नी प्राची काले ने उनके शरीर को एलएन मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया। छह महीने पहले ही दिलीप और प्राची ने देहदान का संकल्प लिया था।
58 साल के दिलीप इंजीनियर थे और सर्वेयर का काम भी करते थे। उनकी बेटी रुचिरा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शास्त्रीय गायक भी हैं। दिलीप खुद भी शास्त्रीय संगीत के अच्छे जानकार थे।
विज्ञापन
प्राची ने कहा कि उनके पति हमेशा समाज के लिए सोचते थे और इसी सोच के चलते उन्होंने ये फैसला लिया था। उन्हेंने कहा कि,"मुझे अपने पति पर गर्व है।"
