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भूकंप: मध्य प्रदेश के सिंगरौली में 3.5 तीव्रता से हिली धरती, केंद्र की गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे
Sat, 17 Oct 2026 02:57 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगरौली
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:57 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के सिंगरौली में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है।
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सिंगरौली में लगे भूकंप के झटके
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में शनिवार, 17 अक्टूबर को दोपहर भूकंप के झटके दर्ज किए गए। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर 2 बजकर 12 मिनट 35 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 3.5 रही और केंद्र की गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप से संबंधित ये जानकारियां शुरुआती आंकड़ों पर आधारित हैं।
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
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जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर 2 बजकर 12 मिनट 35 सेकंड पर भूकंप दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 3.5 रही और केंद्र की गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप से संबंधित ये जानकारियां शुरुआती आंकड़ों पर आधारित हैं।
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EQ of M: 3.5, On: 17/10/2026 14:12:35 IST, Lat: 24.239 N, Long: 82.502 E, Depth: 10 Km, Location: Singrauli, Madhya Pradesh. For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @tummalasrini @GSuresh_NCS @ndmaindia https://t.co/KKi3r6Tcyp
विज्ञापन विज्ञापन— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) October 17, 2026
क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
