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Dewas News: भाजपा ने षड्यंत्र रचकर की पिछड़ा वर्ग की हत्या, व्यथित कांग्रेस कार्यकर्ता ने करवाया मुंडन
Sat, 14 May 2022 12:09 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 14 May 2022 12:09 PM IST
सार
मप्र में ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस इस मुुद्दे पर भाजपा को घेर रही है तो भाजपा कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और एक ने तो व्यथित होकर मुंडन करवा लिया।
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विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता ने करवाया मुंडन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मप्र में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर चल रही सियासत के बीच देवास जिले में कांग्रेस ने अनूठे ढंग से विरोध किया है। मामले को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मौन धरना दिया। एक व्यथित कार्यकर्ता ने इसके विरोध में मुंडन करवाया।
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव विजयसिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। एक घंटे तक मौन धरना दिया। इस दौरान विजयसिंह चौहान ने अपना मुंडन कराया। कहा कि जिस प्रकार हिंदू मान्यता में परिवार में किसी की मृत्यु पर मुंडन करवाया जाता है, उसी प्रकार मप्र शासन ने एक षड्यंत्र के तहत पिछड़ा वर्ग की हत्या की है। इससे व्यथित होकर उन्होंने अपना मुंडन कराया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में कमल नाथ सरकार के समय दिए गए आरक्षण को अदालतों में कमजोर पैरवी करके धीरे-धीरे खत्म करती जा रही है। वही तरीका पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के लिए अपनाया गया है। 10 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय ने बिना ओबीसी आरक्षण के ही पंचायत चुनाव करवाने का आदेश दिया। असल में प्रदेश सरकार ने इस विषय में लगातार उच्चतम न्यायालय में अन्य पिछड़ा वर्ग का पक्ष सही तरीके से नहीं रखा और जानबूझकर असंगत आंकड़े पेश कर ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि न्यायालय से इस तरह का फैसला आए। भाजपा सरकार ने ओबीसी के खिलाफ जो काम किया है, वह संघ और भारतीय जनता पार्टी के गुप्त एजेंडे का हिस्सा है।
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कांग्रेस ने जब भी ओबीसी वर्ग को कोई अधिकार दिया है तब-तब भाजपा ने चोरी के रास्ते से ओबीसी से वह अधिकार छीनने का काम किया है। वर्ष 2003 में कांग्रेस की सरकार ने ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत किया था, लेकिन उसके बाद से बनी भाजपा सरकारों ने अगले 15 साल में अदालतों में एक दम खराब पैरवी करके ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को समाप्त हो जाने दिया। वर्ष 2018 में जब कमलनाथ के नेतृत्व में फिर से कांग्रेस की सरकार बनी तो कांग्रेसी सरकार ने ओबीसी को एक बार फिर से 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। इस आरक्षण को वर्तमान भाजपा सरकार अदालतों में गलत तथ्य रखकर धीरे-धीरे खत्म करती जा रही है। चौहान ने कहा कि पंचायत चुनाव में आरक्षण के मुद्दे को ही लें और पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देखें तो स्पष्ट पता चलता है कि शिवराज सरकार ने एक गहरी योजना के तहत कदम-कदम पर ओबीसी का आरक्षण खत्म कराने का षड्यंत्र किया।
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जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव विजयसिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। एक घंटे तक मौन धरना दिया। इस दौरान विजयसिंह चौहान ने अपना मुंडन कराया। कहा कि जिस प्रकार हिंदू मान्यता में परिवार में किसी की मृत्यु पर मुंडन करवाया जाता है, उसी प्रकार मप्र शासन ने एक षड्यंत्र के तहत पिछड़ा वर्ग की हत्या की है। इससे व्यथित होकर उन्होंने अपना मुंडन कराया है।
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विरोध प्रदर्शन के दौरान चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों और शिक्षा में कमल नाथ सरकार के समय दिए गए आरक्षण को अदालतों में कमजोर पैरवी करके धीरे-धीरे खत्म करती जा रही है। वही तरीका पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त करने के लिए अपनाया गया है। 10 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय ने बिना ओबीसी आरक्षण के ही पंचायत चुनाव करवाने का आदेश दिया। असल में प्रदेश सरकार ने इस विषय में लगातार उच्चतम न्यायालय में अन्य पिछड़ा वर्ग का पक्ष सही तरीके से नहीं रखा और जानबूझकर असंगत आंकड़े पेश कर ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि न्यायालय से इस तरह का फैसला आए। भाजपा सरकार ने ओबीसी के खिलाफ जो काम किया है, वह संघ और भारतीय जनता पार्टी के गुप्त एजेंडे का हिस्सा है।
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कांग्रेस ने जब भी ओबीसी वर्ग को कोई अधिकार दिया है तब-तब भाजपा ने चोरी के रास्ते से ओबीसी से वह अधिकार छीनने का काम किया है। वर्ष 2003 में कांग्रेस की सरकार ने ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत किया था, लेकिन उसके बाद से बनी भाजपा सरकारों ने अगले 15 साल में अदालतों में एक दम खराब पैरवी करके ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को समाप्त हो जाने दिया। वर्ष 2018 में जब कमलनाथ के नेतृत्व में फिर से कांग्रेस की सरकार बनी तो कांग्रेसी सरकार ने ओबीसी को एक बार फिर से 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। इस आरक्षण को वर्तमान भाजपा सरकार अदालतों में गलत तथ्य रखकर धीरे-धीरे खत्म करती जा रही है। चौहान ने कहा कि पंचायत चुनाव में आरक्षण के मुद्दे को ही लें और पूरे घटनाक्रम को ध्यान से देखें तो स्पष्ट पता चलता है कि शिवराज सरकार ने एक गहरी योजना के तहत कदम-कदम पर ओबीसी का आरक्षण खत्म कराने का षड्यंत्र किया।
