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गर्मी का कहर: मध्यप्रदेश में पानी न मिलने से 15 बंदरों की मौत, कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के पार
Sun, 09 Jun 2019 09:11 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 09 Jun 2019 09:11 AM IST
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उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी के कारण इंसानों के साथ-साथ जानवर भी बेहाल हैं। मध्यप्रदेश के कई इलाकों में पारा 45 डिग्री को भी पार कर गया है। गर्मी में पीने के लिए पानी न मिलने से देवास जिले की पुंजापुरा रेंज के जोशी बाबा के जंगल में काले मुंह के 15 बंदरों की लू लगने से मौत हो गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जहां बंदरों के शव पाए गए हैं वहां से 800 मीटर की दूरी पर एक नदी है लेकिन उसमें पानी बहुत ही कम बचा है। इस पानी को 50 से 60 काले मुंह के हट्टे-कट्टे बंदरों की एक टोली ने चारों तरफ से घेर कर कब्जा कर रखा है। उन्होंने दूसरी टोली के इन बंदरों को वहां पानी नहीं पीने दिया, जिससे भीषण गर्मी के दौरान प्यास से उनकी मौत हो गई।
देवास वन मंडल अधिकारी पी एन मिश्रा के अनुसार, ''देवास जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर पुंजापुरा रेंज के जोशी बाबा के जंगल में काले मुंह के नौ बंदर बृहस्पतिवार को मृत पाये गये। अगले दिन इसी इलाके में छह और काले मुंह के बंदरों के शव मिले।''
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उन्होंने कहा कि 50 से 60 काले मुंह के हट्टे-कट्टे बंदर काली सिंध नदी की छोटी सी सहायक नदी पौनी पर इस जलस्रोत की निगरानी कर रहे हैं और इसमें बंदरों की दूसरी टोली को पानी नहीं पीने दे रहे हैं। इस जलस्रोत में बहुत ही कम पानी बचा है।
उन्होंने कहा, ''हमने मरे हुए बंदरों के विसरा को मध्यप्रदेश के सागर की लैब में विस्तृत जांच के लिए भेज दिया है। हमने आसपास के इलाकों में बंदरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर ली है।''
मध्यप्रदेश के अधिकांश इलाके कई दिन से लू की चपेट में हैं। कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक है।
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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जहां बंदरों के शव पाए गए हैं वहां से 800 मीटर की दूरी पर एक नदी है लेकिन उसमें पानी बहुत ही कम बचा है। इस पानी को 50 से 60 काले मुंह के हट्टे-कट्टे बंदरों की एक टोली ने चारों तरफ से घेर कर कब्जा कर रखा है। उन्होंने दूसरी टोली के इन बंदरों को वहां पानी नहीं पीने दिया, जिससे भीषण गर्मी के दौरान प्यास से उनकी मौत हो गई।
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देवास वन मंडल अधिकारी पी एन मिश्रा के अनुसार, ''देवास जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर पुंजापुरा रेंज के जोशी बाबा के जंगल में काले मुंह के नौ बंदर बृहस्पतिवार को मृत पाये गये। अगले दिन इसी इलाके में छह और काले मुंह के बंदरों के शव मिले।''
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उन्होंने कहा कि 50 से 60 काले मुंह के हट्टे-कट्टे बंदर काली सिंध नदी की छोटी सी सहायक नदी पौनी पर इस जलस्रोत की निगरानी कर रहे हैं और इसमें बंदरों की दूसरी टोली को पानी नहीं पीने दे रहे हैं। इस जलस्रोत में बहुत ही कम पानी बचा है।
उन्होंने कहा, ''हमने मरे हुए बंदरों के विसरा को मध्यप्रदेश के सागर की लैब में विस्तृत जांच के लिए भेज दिया है। हमने आसपास के इलाकों में बंदरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर ली है।''
मध्यप्रदेश के अधिकांश इलाके कई दिन से लू की चपेट में हैं। कई इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक है।
