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Damoh News: बाघिन कजरी की खोज में जुटा हाथियों का दल वापस हुआ रवाना, बंद रहा तलाशी अभियान

Mon, 15 Apr 2024 10:40 PM IST
दमोह ब्यूरो अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 15 Apr 2024 10:40 PM IST
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The team of elephants engaged in search of tigress Kajri left again, rescue operation remained closed
नोरादेही में घूमते हांथी
रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही अभयारण्य से भागी बाघिन कजरी ने एक सप्ताह तक तेंदूखेड़ा ब्लाक के जंगलों में आराम फरमाया। शिकार किया और वन कर्मियों को छकाने के बाद अब वह वापस नौरादेही की ओर रवाना हो रही है। बाघिन की खोज में लगा हाथियों का दल भी वापस रवाना हो गया है और सोमवार को उसे वापस लाने का ऑपेरशन भी बंद रहा। अब केवल वनकर्मी उस पर नजर बनाए हुए हैं।
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रविवार शाम तक नौरादेही और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम बाघिन का वापस लाने का प्रयास करती रही, लेकिन शाम को अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। इसलिए सर्चिंग रोक दी गई और सोमवार को भी उसकी तलाश नहीं की गई। अब टीम को अनुमान हो गया है कि बाघिन रहवासी क्षेत्र से काफ़ी दूर हो गई है और वह नौरादेही वापस लौटने की तैयारी कर रही है। इसलिए टीम सोमवार को पूरे दिन बाघिन की निगरानी करती रही। जानकारी यह मिल रही है कि सोमवार के दिन बाघिन उसी स्थान पर पहुंच गई है जहां से तेजगढ़ रेंज की सीमा में उसने प्रवेश किया था और वह एक नाले के पास रुकी है। इसलिए टीम भी बाघिन के पीछे नहीं गई बल्कि दूसरे स्थान पर ही रुकी रही। जिस जंगली स्थान पर बाघिन रुकी है वहां वन अमला लगा हुआ है और उस जंगल से लगे गांव में मुनादी कराकर लोगों को जंगल की ओर न जाने की जानकारी दे रहा है। बाघिन के पीछे एक टीम नौरादेही की लगी है और दूसरा तेजगढ़ और झलोन का वन अमला भी बाघिन की निगरानी करने के साथ उसकी हर हरकत पर नजर रख रहा है।
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वापस हुए हाथी
रविवार तक दो हाथियों की मदद से टीम बाघिन को पकड़ने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सोमवार को टीम वापस नौरादेही के लिए रवाना हो गई साथ में दोनों हाथी भी चले गए हैं। सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है कि कजरी जिस जगह से आवागमन कर रही है वहां न तो वाहन जा पा रहे हैं न हाथियों की टीम, इसलिए दोनों हाथियों को नोरादेही के अधीन आने वाली रेंजों में वापस भेज दिया गया।
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सर्रा रेंजर बलविंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को तलाश रोकी गई है, क्योंकि बाघिन जंगली क्षेत्र में घूम रही है और अभी तक उसका भ्रमण क्षेत्र घना जंगल और खाई या पहाड़ी क्षेत्र रहा है। गांव से काफ़ी दूर है और उसकी लोकेशन से लग रहा है वह घूमती हुई वापस नोरादेही लौट आएगी। टीम लगाकर बाघिन की निगरानी 24 घंटे हो रही है और ग्रामीणें से अपील की जा रही है कि वह जंगल न जाएं।


रविवार की सुबह कजरी तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में थी, लेकिन दोपहर बाद वह मोहड़ गोरखा के जंगलों की ओर चली गई थी। टीम जब गोरखा के जंगल पहुंची उसी समय तेज बारिश होने लगी जिसके बाद बाघिन वहां से भाग गई उसके बाद तलाश कार्य बंद कर दिया और सोमवार को बाघिन पुनः तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की सीमा के जंगलों में आ गई है। हाथियों का जोड़ा एक एक स्थान पर सोमवार के दिन रुका रहा, लेकिन बाघिन उस स्थान पर नही आई। इसलिए अब वनकर्मी तेजगढ़ और झलौन वन परिक्षेत्र के उन गांव में मुनादी करा कर लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे हैं।
 
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