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Road Accident In Damoh: 11 महीने में हुए 629 सड़क हादसे में 230 लोगों की मौत, ये वजह बन रहे कारण
Sat, 07 Dec 2024 06:03 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 07 Dec 2024 06:03 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में 11 महीने में 629 सड़क हादसों में 230 लोगों की मौत हो गई। अंधे मोड़, नशे में वाहन चलाने और अतिक्रमण से सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
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सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह में सड़क हादसों पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिसके कारण लोगों की असमय ही मौत हो रही है। जिले में अभी तक 11 महीने में 693 सड़क हादसे हो चुके हैं और इनमें 230 लोगों की जान चली गई। जबकि साल 2023 में हुए 496 सड़क हादसे हुए थे, लेकिन इस साल का आंकड़ा काफी आगे निकल गया।
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इन हादसों की चार बड़ी वजह निकलकर सामने आई है, जिसमें आवारा मवेशी, अंधा मोड़, अतिक्रमण और ब्लैक स्पॉट प्रमुख हैं। यह मुद्दे हर तीन महीने में होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी रखे गए। लेकिन जिम्मेदारों ने केवल पत्र लिखे, मौके पर जाकर गंभीरता नहीं दिखाई। मंगलवार रात ही नरसिंहगढ़ के समीप एक मोड पर बोलेरो चालक ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। उसके अलावा मनका गांव के समीप एक बोलेरो मोड़ पर पलट गई थी, जिसमें शराब कंपनी के मैनेजर की मौत हो गई थी।
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बड़ी बात यह है कि अधिकारियों को डेंजर प्वाइंट व ब्लैक स्पॉट, अतिक्रमण और अंधे मोड पता है। फिर भी इनमें सुधार को लेकर कोई पहल नहीं हुई। जबकि हर तीन महीने में होने वाली समिति की बैठक में इन खामियां को दूर करने के लिए पत्र लिखे गए। एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका, प्रधानमंत्री सड़क के अधिकारियों ने इन पत्रों पर ध्यान नहीं दिया।
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देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत
सिंग्रामपुर चौकी के फलको मंदिर के पास वीरेंद्र पटेल पिता राम विशाल पटेल 30 गुरुवार रात अपने ग्राम पिपरिया से आ रहा था। तभी सिंग्रामपुर गुबरा के बीच फलको नाला के अंधे मोड़ पर अचानक अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी और उसकी मौके पर मौत हो गई। सड़क पर बैठे आवारा मवेशियों से भी हादसे हो रहे हैं। इसके पहले एक सितंबर को बटियागढ़ के मगरोन के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली के सामने अचानक आवारा मवेशी आ जाने की वजह से ट्रॉली में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
यह हैं चिह्नित एक्सीडेंटल प्वाइंट
सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने सात एक्सीडेंटल प्वाइंट (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए हैं। हटा नाका स्थित साहू तिराहा, हथनी तिराहा, आनू तिराहा, कटनी रोड पर टोल नाका के आगे बड़ी टेक, हटा का चिरोल तिराहा, बिंती तिराहा, इमलाई फैक्टरी के पास यह प्वाइंट प्रशासन ने घोषित किए हैं। जबकि समन्ना बाइपास तिराहा, इमलाई बाइपास तिराहा, हटा नाका साहू तिराहा, बांदकपुर चौराहा, कुम्हारी तिराहा, घाटपिपिरया के पास, जबलपुर रोड पर हथनी तिराहा, घांघरी तिराहा, नोहटा को आगे मुख्य तिराहा, छतरपुर रोड पर चंपत पिपरिया के पास, नरसिंहगढ़ के पहले, सरखड़ी के पास, तेंदूखेड़ा के पास 27 मील, तेंदूखेड़ा-झलौन मार्ग पर निरंतर हादसे हो रहे हैं। इन्हें रोकने की कोई पहल नहीं है।
शहर के साहू तिराहा के पास बना अंधे मोड़ पर एक साल के दौरान चार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। 27 नवंबर को यहां पर एक तेज रफ्तार ट्रक एक मकान के तीन कमरे तोड़ता हुआ घुस गया था। गनीमत रही की पूरा परिवार सबसे पीछे वाले कमरे में सो रहा था। सागर नाका रेलवे ओवरब्रिज के पास अंधे मोड़ पर भी दो दिन पहले एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। लेकिन ब्रिज के बाजू से अतिक्रमण करके बना पक्का मकान नहीं तोड़ा, जिससे हर दिन हादसे हो रहे हैं।
ब्लैक स्पॉट: एक साल में 15 ट्रक पलटे, छह लोगों की मौत
दमोह-छतरपुर मार्ग पर बटियागढ़ के पास गेवलारी की पुलिया से 11 महीने में 20 सड़क हादसे हो चुके हैं। इनमें से 15 ट्रक तो सीधे पुलिया के नीचे जाकर पलट चुके हैं, जिससे छह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस स्थान को जिला प्रशासन द्वारा ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। जहां पर सुरक्षा के नाम पर केवल स्पीड ब्रेकर व संकेतक बने हुए हैं। एक साल पहले समिति की बैठक में यहां पर सड़क की चौड़ाई पांच मीटर बढ़ाने एवं पुलिया की सड़क का लेबल ऊंचा करने पर चर्चा हुई थी। मगर मौके पर कुछ नहीं है।
'सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं'
कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है, जिन स्थानों पर हादसे हो रहे हैं, वहां पर अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे। यातायात प्रभारी दलवीर सिंह मार्को का कहना है एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूओ के अधिकारियों को पत्र लिखा है कि हादसों वाली जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएं।
