{"_id":"6516b1e0230da4e5e9013847","slug":"professor-gave-marks-in-pg-college-without-checking-copy-chhatarpur-university-issued-notice-2023-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh: पीजी कॉलेज में बिना कॉपी जांचे प्रोफेसर ने चढ़ा दिए नंबर, छतरपुर विवि ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh: पीजी कॉलेज में बिना कॉपी जांचे प्रोफेसर ने चढ़ा दिए नंबर, छतरपुर विवि ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब
Fri, 29 Sep 2023 04:45 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Sep 2023 04:45 PM IST
सार
दमोह के पीजी कॉलेज के एक प्रोफेसर ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ना करते हुए केवल कॉपी के मुख्य पृष्ठ पर नंबर अंकित कर दिए। अब छतरपुर विवि ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
दमोह का पीजी कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के दमोह में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के शासकीय पीजी कॉलेज के सहायक प्रोफेसर ने छात्रों की कॉपी जांचे बिना नंबर चढ़ा दिए। मामला उजागर होने पर छतरपुर विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर के खिलाफ एक्शन लेने का मन बनाते हुए पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
बता दें कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के परीक्षण नियंत्रक द्वारा शासकीय पीजी कॉलेज दमोह के सहायक प्राध्यापक डॉ. एके यादव के लिए मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए इस कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि एमए के चौथे सेमेस्टर सोशलॉजी सत्र जून 2023 के प्रश्न पत्र कोड क्रमांक ए क़े 239 की 50 उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल मूल्यांकन के लिए दिया गया था, लेकिन सहायक प्राध्यापक एके यादव द्वारा उक्त उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ना करते हुए केवल उत्तर पुस्तिका के मुख्य पृष्ठ पर नंबर अंकित कर दिए. जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। 50 छात्रों के साथ उनके द्वारा इस प्रकार की लापरवाही करते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। इस मामले में परीक्षा नियंत्रक ने तीन दिनों में उपस्थित होकर लिखित में जवाब देने के लिए निर्देश दिए हैं। इस पत्र की प्रति कुलपति महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर, प्राचार्य शासकीय पीजी कॉलेज दमोह एवं प्रभारी मूल्यांकन सेल विश्वविद्यालय छतरपुर को भी प्रेषित की है।
विज्ञापन
जिस प्रकार से सहायक प्रोफेसर ने कॉपी जांचे बिना छात्रों को नंबर दे दिए और यह बड़ी लापरवाही पकड़ में आ गई, लेकिन अधिकारियों को इस पर भी गौर करना चाहिए कि यह खेल पता नहीं कब से चल रहा था। छतरपुर विवि परीक्षा नियंत्रक ममता वाजपेयी ने बताया कि मामले में जानकारी उजागर होने के बाद संबंधित प्राध्यापक को तीन दिवस के अंदर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच वैसे तो पूरी हो गई है अब कार्रवाई प्रबंधन को करना है जो जल्द ही की जाएगी।
विज्ञापन
बता दें कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर के परीक्षण नियंत्रक द्वारा शासकीय पीजी कॉलेज दमोह के सहायक प्राध्यापक डॉ. एके यादव के लिए मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए इस कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि एमए के चौथे सेमेस्टर सोशलॉजी सत्र जून 2023 के प्रश्न पत्र कोड क्रमांक ए क़े 239 की 50 उत्तर पुस्तिकाओं का बंडल मूल्यांकन के लिए दिया गया था, लेकिन सहायक प्राध्यापक एके यादव द्वारा उक्त उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ना करते हुए केवल उत्तर पुस्तिका के मुख्य पृष्ठ पर नंबर अंकित कर दिए. जो गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। 50 छात्रों के साथ उनके द्वारा इस प्रकार की लापरवाही करते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। इस मामले में परीक्षा नियंत्रक ने तीन दिनों में उपस्थित होकर लिखित में जवाब देने के लिए निर्देश दिए हैं। इस पत्र की प्रति कुलपति महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर, प्राचार्य शासकीय पीजी कॉलेज दमोह एवं प्रभारी मूल्यांकन सेल विश्वविद्यालय छतरपुर को भी प्रेषित की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिस प्रकार से सहायक प्रोफेसर ने कॉपी जांचे बिना छात्रों को नंबर दे दिए और यह बड़ी लापरवाही पकड़ में आ गई, लेकिन अधिकारियों को इस पर भी गौर करना चाहिए कि यह खेल पता नहीं कब से चल रहा था। छतरपुर विवि परीक्षा नियंत्रक ममता वाजपेयी ने बताया कि मामले में जानकारी उजागर होने के बाद संबंधित प्राध्यापक को तीन दिवस के अंदर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच वैसे तो पूरी हो गई है अब कार्रवाई प्रबंधन को करना है जो जल्द ही की जाएगी।
