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Damoh: 2 साल पहले परिवार से बिछड़े मासूम को पुलिस ने खोजा, गुवाहाटी शांतिधाम आश्रम की केयरटेकर ने छुपा कर रखा

Wed, 09 Apr 2025 10:24 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 09 Apr 2025 10:24 PM IST
सार

दमोह पुलिस ने दो साल पहले अपने परिवार से बिछड़े मासूम को असम के गुवाहाटी से खोज निकाला। बुधवार को उस मासूम को एसपी ने परिजनों को सौंप दिया। माता पिता के पास जाकर मासूम बच्चे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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Police found the innocent child who was separated from his family
परिवार के साथ मौजूद एसपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह पुलिस ने दो साल पहले अपने परिवार से बिछड़े मासूम को असम के गुवाहाटी से खोज निकाला। बुधवार को उस मासूम को एसपी ने परिजनों को सौंप दिया। माता-पिता के पास जाकर मासूम बच्चे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

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एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि दमोह देहात थाना क्षेत्र निवासी विजय चकवर्ती ने सात जुलाई 2024 को जबलपुर नाका चौकी में रिपोर्ट की थी कि उसकी पत्नी रामरति चकवर्ती 6 साल के बेटे के साथ गुम हो गई है। 22 सितंबर 24 को पुलिस ने गुमशुदा पत्नी को खोज लिया, लेकिन उसका बेटा नहीं मिला। इसी बीच महिला की याददाश्त चली गई थी, जिससे वह कुछ नहीं बता सकी। इसके बाद केरल में उसका इलाज कराया गया। जब वह ठीक हुई, तो उसने बताया कि बेटा गुवाहाटी के एक शांति धाम आश्रम में है।
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पति विजय चक्रवर्ती पत्नी रामरति और गांव का कोटवार दिसम्बर 2024 में गुवाहाटी अपने बच्चे को लेने गये थे, लेकिन आश्रम वालों ने बच्चा नहीं दिया और न ही उससे मिलने दिया। इसके बाद पिता ने दमोह पुलिस में शिकायत कर दी। दमोह पुलिस तीन अप्रैल को गुवाहाटी पहुंची और लोकल पुलिस से मदद मांगी। जब पुलिस नूनमति थाना के लेरेला खूड़ी मेमोरियल होम शांतिनगर आश्रम पहुंची, तो आश्रम की अध्यक्ष प्रेमलता सैक्या ने बच्चे के संबंध कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय बाल कल्याण समिति से संपर्क किया, लेकिन आश्रम ने बाल कल्याण विभाग के अनुरोध पर भी बच्चा नहीं दिया और लगातार गुमराह किया। कई बार बहस के बाद आश्रम की अध्यक्ष प्रेमलता का बेटा आया और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करते हुये झूमा-झपटी करने लगा।

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इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और उसके घर से मासूम को अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी आश्रम की अध्यक्ष ने उस बच्चे का नाम बदल दिया था और स्वयं को उसका गार्जियन बताकर स्कूल में एडमीशन करा दिया था। आरोपी अध्यक्ष प्रेमलता सैक्या तथा उसके लड़के के विरुद्ध थाना नूनमति गुवाहाटी में धारा- 296, 132, 137 (2), 351 (2), 238, 3 (5) बीएनएस (अपहरण, शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि मासूम को खोजने में इंदौर की एक संस्था की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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