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कोरोना वायरस: भोपाल में विदेश से लौटी युवती को सैंपल देने के लिए सात घंटे करना पड़ा इंतजार
Thu, 26 Mar 2020 11:07 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 26 Mar 2020 11:07 AM IST
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Coronavirus
- फोटो : PTI
कोरोना वायरस भारत में भी तेजी से पांव पसार रहा है। देश इस वायरस से लड़ने के लिए कितना तैयार है इसकी पोल भी कई बार खुलती नजर आ रही है। ताजा मामला भोपाल का है जहां विदेश से लौटी एक युवती को अपना ब्लड सैंपल देने के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद भी करीब साढ़े सात घंटे इंतजार करना पड़ा।
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जानकारी के मुताबिक युवती ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी की यात्रा से लौटी है। युवती ने खुद को 10 दिनों तक होम क्वारंटीन में रखा। दो दिन पहले मंगलवार को जब उसे सर्दी हुई तो उसने 104 कॉल सेंटर पर इसकी सूचना दी। इसके बाद उसे जेपी अस्पताल आकर सैंपल देने को कहा गया। युवती ने खुद को होम क्वारंटीन की बात बताई और घर में आकर सैंपल लेने का आग्रह भी किया, लेकिन कॉल सेंटर घर पर आकर सैंपल लेने के लिए राजी नहीं हुआ। युवती शाम पांच बजे जेपी अस्पताल पहुंची।
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युवती ने डॉक्टरों को अपनी ट्रेवल हिस्ट्री के साथ सर्दी होने की बात बताई, इसके बावजदू उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई। आइसोलेशन वार्ड प्रभारी के मौजूद नहीं होने की बात बताकर युवती को रात साढ़े नौ बजे तक इमरजेंसी में ही बैठाकर रखा। जब युवती ने सुबह आकर सैंपल देने की बात कही तो पुलिस को बुलाने की धमकी भी दी गई। इसके बाद रात करीब एक बजे डॉक्टर आए, तब युवती का सैंपल लिया गया।
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युवती का कहना है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी समझी। खुद को क्वारंटीन में रखा, लेकिन डॉक्टरों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए कि जो लोग सैंपल देने आ रहे हैं उन्हें इस तरह इंतजार नहीं कराएं।
यह ताे एक मामला है, इसके अलावा कई मामले ऐसे भी सामने आ रहे हैं कि लाेग खुद के अऔर पड़ोस के लाेगाें के विदेश यात्रा से लाैटने की सूचना जिम्मेदाराें काे दे रहे हैं, लेकिन बार-बार काॅल करने और जानकारी साझा करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग संदिग्ध लाेगाें की स्क्रीनिंग करने पहुंच ही नहीं रहा है। अगर जिम्मेदार अभी नहीं चेते ताे इस तरह की लापरवाही पूरे समाज के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।
