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Chhindwara News: पशु चिकित्सा अधिकारी ले रहा था 20 हजार रुपये की रिश्वत, लोकायुक्त ने दबोचा
Tue, 22 Oct 2024 08:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 08:19 PM IST
सार
छिंदवाड़ा में लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
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लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छिंदवाड़ा में जुन्नारदेव के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेश कुमार सेमिल को मंगलवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। दरअसल, जमकुंडा में रहने वाले गौ सेवक ने लोकायुक्त से शिकायत की थी। डॉक्टर सेमिल ने राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत 45,000 रुपये के प्रोत्साहन राशि में से 25,000 रुपये कमीशन के तौर पर मांगे थे।
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लोकायुक्त की टीम ने शिकायत के बाद मामले का सत्यापन किया और तत्काल योजना पर तरीके से लोकायुक्त की टीम ने पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय जुन्नारदेव में दबिश देकर डॉक्टर सेमिल को रंगे हाथों धर दबोचा। वहीं, डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
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प्रोत्साहन राशि के नाम पर मांग रहा था रिश्वत
जमकुंडा के गौ सेवक सुरेश यदुवंशी ने बताया कि उन्हें प्रोत्साहन के रूप में 45,000 मिलने थे, जिसको लेकर वह लंबे समय से डॉक्टर के चक्कर काट रहा था। डॉक्टर ने कहना था कि मुझे 20,000 रुपये की कमीशन दो उसके बाद प्रोत्साहन राशि तुम्हें दी जाएगी। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई।
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गौरतलब हो कि आवेदक ने मैत्री गौ सेवक होकर शासकीय योजना के तहत राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के तहत गोवंशीय/भैंसवंशीय पशुओं की कृत्रिम गर्भाधान का काम वर्ष 2021-22 में किया था, जिसका प्रोत्साहन राशि, 45000 रुपये प्राप्त हुई थी, जिसमें से कमीशन के तौर पर पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉक्टर योगेश कुमार सेमिल द्वारा 25,000 रिश्वत की मांग की गई। लोकायुक्त जबलपुर टीम के इंस्पेक्टर कमल सिंह उईके, इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की, इंस्पेक्टर नरेश बेहरा एवं पांच अन्य सदस्यों ने पकड़ा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
