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ग्रीन ब्रिक्स फैक्ट्री ब्लास्ट: सुरक्षा में लापरवाही पड़ी भारी, मालिक और ठेकेदार पर केस
Tue, 30 Jun 2026 09:47 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छिंदवाड़ा
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Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 09:47 AM IST
सार
छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ/परासिया क्षेत्र की जमुनिया जेठू पंचायत स्थित ग्रीन ब्रिक्स फैक्ट्री में 24 जून को हुए बॉयलर ब्लास्ट मामले में पुलिस ने जांच के बाद फैक्ट्री मालिक और बॉयलर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार पर मामला दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जमुनिया जेठू पंचायत स्थित ग्रीन ब्रिक्स फैक्ट्री में हुए बॉयलर ब्लास्ट मामले में पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद फैक्ट्री मालिक और बॉयलर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आवश्यक सावधानियों में कमी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार 24 जून की रात जमुनिया जेठू स्थित ग्रीन ब्रिक्स फैक्ट्री में उच्च दबाव वाली भाप से चलने वाली स्टेरिलाइजर ऑटोक्लेव मशीन में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मशीन के पास काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद फैक्ट्री में मची अफरा-तफरी
विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायल कर्मचारी 25 वर्षीय राहुल चौरे की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मशीन के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।
फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज
जांच के आधार पर पुलिस ने लालबाग निवासी फैक्ट्री संचालक नरेश पीपरे और भोपाल निवासी बॉयलर मशीन ठेकेदार संजय बारस्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 289 और 125-ए के तहत मामला दर्ज किया है। फैक्ट्री में करीब 14 ऑपरेटर और 24 से 30 कर्मचारी काम करते हैं। विस्फोट के समय कई कर्मचारी मशीन के आसपास मौजूद थे। हादसे में गाजनडोह निवासी ऑपरेटर मंगलू यादव, छिंदवाड़ा निवासी राहुल चौरे और एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम व तकनीकी सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उच्च दबाव वाली मशीनों के संचालन में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए, लेकिन फैक्ट्री में जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।
जांच अभी भी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस औद्योगिक इकाई में हुए विस्फोट के बाद क्षेत्र के श्रमिकों और ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसे के बाद अन्य फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठने लगी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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हादसे के बाद फैक्ट्री में मची अफरा-तफरी
विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायल कर्मचारी 25 वर्षीय राहुल चौरे की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मशीन के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरती गई थी।
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फैक्ट्री मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज
जांच के आधार पर पुलिस ने लालबाग निवासी फैक्ट्री संचालक नरेश पीपरे और भोपाल निवासी बॉयलर मशीन ठेकेदार संजय बारस्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 289 और 125-ए के तहत मामला दर्ज किया है। फैक्ट्री में करीब 14 ऑपरेटर और 24 से 30 कर्मचारी काम करते हैं। विस्फोट के समय कई कर्मचारी मशीन के आसपास मौजूद थे। हादसे में गाजनडोह निवासी ऑपरेटर मंगलू यादव, छिंदवाड़ा निवासी राहुल चौरे और एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
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घायलों का अस्पताल में कराया गया इलाजहादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। घटना के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम व तकनीकी सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उच्च दबाव वाली मशीनों के संचालन में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए, लेकिन फैक्ट्री में जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।
जांच अभी भी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। इस औद्योगिक इकाई में हुए विस्फोट के बाद क्षेत्र के श्रमिकों और ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हादसे के बाद अन्य फैक्ट्रियों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठने लगी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
