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Mahakumbh Stampede: महाकुंभ भगदड़ में छतरपुर की महिला श्रद्धालु की मौत, परिवार में छाया मातम
Wed, 29 Jan 2025 03:15 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 29 Jan 2025 03:15 PM IST
सार
प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ में मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई। महिला सुनवाहा गांव की रहने वाली थी।
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मृतक महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाकुंभ स्नान के लिए 27 जनवरी को प्रयागराज पहुंची बकस्वाहा की ग्राम पंचायत सुनवाहा की निवासी हुकम लोधी (48 वर्ष) ने अपने जीवन का सबसे बड़ा बलिदान दे दिया। वह अपनी बेटी दीपा लोधी (उर्फ बिन्ना) और अन्य परिजनों के साथ पुण्य स्नान करने के लिए संगम की ओर बढ़ी थी। लेकिन उस यात्रा में ऐसा दर्दनाक हादसा घटित हुआ कि परिवार का हर सदस्य जीवन भर इसे भूल नहीं पाएगा।
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हुकम लोधी पति स्वर्गीय रमेश लोधी निवासी सुनवाहा और बेटी दीपा लोधी (बिन्ना), जेठ नारायण लोधी, जेठानी लक्ष्मी लोधी और गांव के सैकड़ों श्रद्धालु भी प्रयागराज में स्नान करने के लिए गए थे। परिवार के सदस्य खंभा नंबर 47 के पास रुके थे। रात्रि के लगभग 12 बजे पुलिस ने लाउड स्पीकर पर घोषणा की कि जो श्रद्धालु स्नान करना चाहते हैं, वे अब आगे बढ़ सकते हैं। धीरे-धीरे लोग बढ़ते गए और इस भीड़ में एक चूक ने हुकम लोधी की जिंदगी का रास्ता हमेशा के लिए बदल दिया।
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मृतक हुकम लोधी की जेठानी लक्ष्मी लोधी निवासी सुनवाहा ने संवाददाता से दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि रात करीब दो बजे संगम क्षेत्र में अचानक हुई भगदड़ के दौरान, हुकम लोधी की बेटी दीपा लोधी (बिन्ना) गिर गईं। यह देखकर हुकम लोधी बिना किसी डर के भीड़ में घुस गईं और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश करने लगीं। वह दीपा को उठाकर खींचने की कोशिश करती हैं, लेकिन इसी दौरान वह खुद भीड़ की चपेट में आ जाती हैं।
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हुकम लोधी के परिजन नारायण लोधी, लक्ष्मी लोधी व अन्य लोग उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ में कोई उनकी मदद नहीं कर सका। हुकम लोधी बेहोश हो गईं। पुलिस ने तुरंत उन्हें मेले के केंद्रीय अस्पताल में भेजा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर जैसे ही उनके घर सुनवाहा पहुंची, घर में शोक की लहर दौड़ गई।
