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Madhya Pradesh: छतरपुर के एक गांव में हैंडपंप से उठ रही लपटें, आग-पानी एक साथ आ रहा बाहर

Thu, 25 Aug 2022 04:48 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 25 Aug 2022 04:48 PM IST
सार

मामला छतरपुर जिले के बकस्वाहा नगर के कछार गांव का है। हैंडपंप खुद-ब-खुद आग और पानी दोनों एकसाथ उगल रहा है। कुछ इसे चमत्कार मान रहे हैं तो कुछ भूगर्भ हलचल का परिणाम बता रहे हैं। 

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Madhya Pradesh: Flames rising from hand pump in a village of Chhatarpur
छतरपुर जिले के एक गांव में लगे हैंडपंप से आग की लपटें उठ रही हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में एक अनोखा मामला सामने आया है। छतरपुर जिले के एक गांव में लगे हैंडपंप से आग की लपटें उठ रही हैं। इस घटना से लोग अचरज में भी हैं, और दहशत में भी। हालांकि जानकार का कहना है कि मीथेन गैस निकलने से ऐसा हो रहा है। इसके वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। 

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जानकारी के अनुसार मामला छतरपुर जिले के बकस्वाहा नगर के कछार गांव का है। लोगों ने बताया कि गांव में दो हैंडपंप हैं। बुधवार सुबह स्कूल के पास वाल एक हैंडपंप खुद-बखुद आग और पानी दोनों एकसाथ उगल रहा है। लोगों को इस बात का पता चलते ही लोग इसे देखने पहुंचने लगे। बाद में इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। 
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एक प्रत्यक्षदर्शी देवेंद्रसिंह लोधी का कहना है कि यह हैंडपंप पहले भी आग उगल चुका है। पहले यह स्कूल के पास का सरकारी हैंडपंप था जिसमें की आग और पानी निकलने के बाद से प्रशासन ने उसका ऊपरी हिस्सा हैंडल और अंदर का पम्प और पाइप निकाल लिया और उसे इसी तरह छोड़ दिया। बुधवार को भी इसी तरह की घटना हुई। कोई इसे चमत्कार मान रहे हैं तो कुछ लोग डरे हुए हैं। उनका कहना है कि जमीन में कोई बड़ी हलचल के परिणाम स्वरूप ऐसा हो रहा है। 


क्या कहता है विज्ञान
शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल के प्रो. डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ हैंडपंप से पानी के साथ ज्वलनशील गैस का निकलना कोई चमत्कारी घटना नहीं है। यह सामान्यत: हाइड्रोकार्बन (मीथेन) गैस होती है। जहां अवसादी चट्टानों में पेड़-पौधों के अवशेष अवसाद (बारीक रेत) के साथ दलदली क्षेत्र में जमा होते हैं वहां भौतिक-रासायनिक पृक्रम द्वारा द्वारा विघटन-अपघटन द्वारा मीथेन गैस का निर्माण होता है। यह गैस गर्म होने से या जलने से घनत्व में कम होती है, परिणामस्वरूप ऊपर को उठती है और वैक्यूम निर्मित होता है जिससे इस गैस के नीचे स्थित भौमजल भी ऊपर की ओर उठता है। यह क्रम एकान्तरित रूप से चलता है।

नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि हैंडपंप के मुख्य पाइप से पानी के साथ आग की लपटों का वीडियो निश्चित ही कौतूहल का विषय है, लेकिन ये कोई पहली घटना नहीं है। इस प्रकार की घटना समय-समय पर अनेक क्षेत्रों में देखी गई हैं। पानी के साथ आग का उछाल मारने में ही इसके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारण को बताता है। भूगर्भ में ज्वलनशील गैस मीथेन की उपस्थिति ही इस आग का कारण हो सकती है। सारिका ने बताया कि पृथ्वी की गहराई में पौधों एवं जंतुओं के लम्बे समय तक दबे रहने से वे समय के साथ पेट्रोलियम के उत्पादों में बदल जाते हैं। इनमें से मीथेन गैस भी होती है। संभव है उस हैंडपम्प के नीचे की भूमि में ये स्थिति हो। दाब के साथ गैस उपर निकल रही है। किसी व्यक्ति द्वारा एक बार इस गैस के पास माचिस जलाने के बाद यह लगातार जलती जा रही है। गैस अपने साथ पानी को भी लाती है। 

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