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MP News: कड़ाके की ठंड से किसानों का नुकसान, पाला पड़ने से चना, अरहर, मसूर और सब्जियों की फसल हुई चौपट
Thu, 12 Jan 2023 05:16 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 12 Jan 2023 05:16 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। छतरपुर के बक्सवाहा में तापमान में गिरावट के कारण पाले की चपेट में आई फसलें खराब हो गई हैं। किसानों को फसलों के खराब होने के चलते काफी नुकसान हुआ है।
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पाला पड़ने से फसलें खराब (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
छतरपुर जिले के बकस्वाहा क्षेत्र में पिछले दिनों हुई कड़ाके की सर्दी के चलते पाला पड़ने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। पाले का बुरा असर खेतों में खड़ी चना, अरहर, मसूर, सहित सब्जियों की फसलों पर सबसे ज्यादा पड़ा है। तापमान गिरने से चना, मसूर, बटरा, आलू, टमाटर, बैंगन, शिमला मिर्च की फसलें पाला की चपेट में आ गईं।
किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते पिछले लंबे समय से फसलें बर्बाद हो रही हैं। पिछली फसल के दौरान अधिक वर्षा ने फसलों को बर्बाद कर दिया था, इस बार भी मुश्किल से खाद बीज जुटाकर समय पर फसलों की बुआई की थी। इस समय चना और अरहर की फसल काफी अच्छी थी, मगर उसे पाले ने बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि सब्जी की पैदावार में अधिक लागत आ रही है। वहीं, तापमान में आई गिरावट के चलते फसलों को पाले से काफी नुकसान हुआ है। मसूर और चने की फसल बोने वाले नितिन चौरसिया, फेरन लोधी ने बताया कि मसूर और चने की फसल में पाले से काफी नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में तामपान में और गिरावट आने की आशंका से किसान अपनी फसलों को लेकर काफी चिंतित हैं। किसान बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग कर रहा है, जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।
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किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते पिछले लंबे समय से फसलें बर्बाद हो रही हैं। पिछली फसल के दौरान अधिक वर्षा ने फसलों को बर्बाद कर दिया था, इस बार भी मुश्किल से खाद बीज जुटाकर समय पर फसलों की बुआई की थी। इस समय चना और अरहर की फसल काफी अच्छी थी, मगर उसे पाले ने बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि सब्जी की पैदावार में अधिक लागत आ रही है। वहीं, तापमान में आई गिरावट के चलते फसलों को पाले से काफी नुकसान हुआ है। मसूर और चने की फसल बोने वाले नितिन चौरसिया, फेरन लोधी ने बताया कि मसूर और चने की फसल में पाले से काफी नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में तामपान में और गिरावट आने की आशंका से किसान अपनी फसलों को लेकर काफी चिंतित हैं। किसान बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग कर रहा है, जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।
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