सलाम बहन! उम्र महज 13 साल...10 KM दूर बेचने जाती है दूध, 700 की कमाई से पालती हैं सात भाई-बहन
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में 13 साल की नाबालिग पर सात भाई-बहनों की जिम्मेदारी है। वह दस किमी का सफर रोज तय करती है, ताकि दूध बेचकर परिवार की गुजर-बसर करने लायक पैसा कमा सके।
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मध्यप्रदेश के छतरपुर से एक 13 साल की लड़की की संघर्ष की कहानी ने सबको हैरान कर दिया है। इस लड़की की छह बहनें और एक भाई है। खेत भी काफी छोटा है। इस वजह से पैसा कमाने और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए लड़की रोज दस किमी दूर जाती है और दूध बेचती है। तब जाकर सात-आठ सौ रुपये कमा पाती है।
मामला छतरपुर के गठेवरा गांव का है। एएनआई की रिपोर्ट में इस लड़की का नाम नहीं है। उसके हवाले से यह कहा गया है कि मैं ही सबका भरणपोषण करती हूं। हम छह बहनें और एक भाई हैं। हमारा खेत छोटा है। दूध बेचने दस किमी जाती हूं। तब जाकर सात-आठ सौ रुपये मिलते हैं। इससे जो कमाई होती है, उससे घर खर्च निकल जाता है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि हर नागरिक को राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मिले। इस लड़की तक इन योजनाओं का लाभ क्यों नहीं पहुंचा, यह सवाल सोशल मीडिया पर उठ रहा है। एएनआई से बातचीत में छतरपुर जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ चंद्रसेन सिंह ने कहा कि बच्ची के गांव में पीसीओ को भेजा जाएगा। मामले की जांच की जाएगी। अगर उसे योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, तो इसका कारण पता लगाया जाएगा। जो भी योजना लागू होती है, उसका लाभ उसे दिया जाएगा।
बाइक चलाती है बच्ची
13 साल की उम्र में टू-व्हीलर का लाइसेंस नहीं मिलता। इस वजह से बच्ची का टू-व्हीलर चलाकर दस किमी जाना खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसके बाद भी परिवार की गुजर-बसर के लिए उसे अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करना ही होता है।
