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छतरपुर: घायल बच्चे को बचाने पुलिस अधिकारी ने 15 मिनट में तय किया 45 किमी का सफर
Wed, 09 Mar 2022 12:20 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 09 Mar 2022 12:20 PM IST
सार
छतरपुर जिले में सड़क हादसे में घायल एक बच्चे की जान बचाने के लिए पुलिस अधिकारी ने 15 मिनिट में 45 किमी का सफर तय किया हालांकि इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
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बच्चे को अस्पताल ले जाने वाले पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिले में एक 7 साल के बच्चे की जान बचाने के लिए एक पुलिसकर्मी ने तेज रफ्तार गाड़ी चला करीब 15 मिनट में 45 किमी का सफर तय कर उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिजनों के साथ ही उसे बचाने की कोशिश करने वाला पुलिसकर्मी भी मायूस है।
मामला छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र का है। यहां बमीठा और चंद्रनगर के बीच हाईवे पर चुरारन गांव के भगवान दास पाल के बच्चे दीपक पाल को अज्ञात वाहन टक्कर मारकर चला गया। हादसे में घायल बच्चे को लोग मृत मान रहे थे और आसपास भीड़ के रूप में मौजूद थे। इसी दौरान खजुराहो ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी शारदा प्रसाद यादव घटनास्थल पर पहुंचे तो बच्चों की सांसे चल रही थी। वे तत्काल सरकारी वाहन से बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चे की जान बचाने के लिए महज 15 मिनट में 45 किमी का सफर तय किया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लाख कोशिशों के बाद भी बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। यदि बच्चे को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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मामला छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र का है। यहां बमीठा और चंद्रनगर के बीच हाईवे पर चुरारन गांव के भगवान दास पाल के बच्चे दीपक पाल को अज्ञात वाहन टक्कर मारकर चला गया। हादसे में घायल बच्चे को लोग मृत मान रहे थे और आसपास भीड़ के रूप में मौजूद थे। इसी दौरान खजुराहो ट्रैफिक पुलिस के प्रभारी शारदा प्रसाद यादव घटनास्थल पर पहुंचे तो बच्चों की सांसे चल रही थी। वे तत्काल सरकारी वाहन से बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चे की जान बचाने के लिए महज 15 मिनट में 45 किमी का सफर तय किया। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। लाख कोशिशों के बाद भी बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। यदि बच्चे को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी।
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