12 टन पन्नों में व्यापमं के गुनहगारों को तलाशेगी सीबीआई
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कुख्यात व्यापम घोटाले की जांच करने भोपाल पहुंची सीबीआई टीम को 12 टन वजनी लगभग दो लाख पन्नों में से व्यापम घोटाले का सच जानना होगा।
पूर्व में एसआईटी के नेतृत्व में जांच कर रही एसटीएफ ने 12 टन वजनी डाक्यूमेंट्स केन्द्रीय एजेंसी की सुपुर्दगी में दिए हैं। अब इन्हीं कागजातों का परीक्षण कर सीबीआई को घोटाले की कड़ियों को जोड़कर असली गुनहगारों का पता निकालना होगा।
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार एसटीएफ द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में चार्जशीट, आरोपियों के बयान, पीड़ितों, गवाहों और अन्य सूत्रों से संबंधित कागजात और उनकी केस डायरी से संबंधित लाखों कागजात सीबीआई को सौंपे गए।
नाम न छापने की शर्त पर एसटीएफ से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में मीडिया में बोलने की अनुमति नहीं है।
लगभग 2 हजार पन्नों में तैयार की एसटीएफ ने जांच रिपोर्ट
उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से हम इन मामलों की जांच कर रहे थे। इससे हजारों लोगों के जुड़े होने के कारण मामले की जटिलता और बढ़ गई थी। उनकी गवाही जांच रिपोर्ट सहित साथ ही फॉरेसिंक रिपोर्ट और व्यापम के अधिकारियों से बातचीत से जुड़े सभी कागजात सीबीआई को सौंप दिए गए हैं।
जब हमने मामले की चार्जशीट कोर्ट में जमा की थी तब ट्रक में भरकर कागजात अदालत ले गए थे क्योंकि इसमें अभियुक्तों को चार्जशीट की कॉपी दी गई थी। उन्होंने बताया कि अभी सभी कागजात सीबीआई अधिकारियों की सुपुर्दगी में परीक्षण के लिए पहुंच चुके हैं।
जिसमें 2013 के प्री मेडिकल टेस्ट में एसटीएफ द्वारा की गई जांच की लगभग एक लाख पन्नों की केस डायरी, 2012 के पीएमटी टेस्ट घोटाले की 80 हजार पेजों की रिपोर्ट के अलावा दर्जनभर केसों में जमा किए गए चालानों के 5 हजार पन्ने शामिल हैं।
जांच की दिशा तय करने को भटकी सीबीआई
उन्होंने बताया कि एसटीएफ ने व्यापम द्वारा करवाई गई परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में 55 केस रजिस्टर्ड किए थे। इनमें से 28 मामलों में सीबीआई की जांच शुरू होने से पूर्व ही चार्जशीट जमा की जा चुकी है।
वहीं सीबीआई से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि मुश्किल परिस्थितियों में सीबीआई ने यह केस अपने हाथ में लिया है। अभी कुछ समय लगेगा व्यापमं घोटाले की गहराई को जानने और समझने के लिए।
इससे हमे एसटीएफ द्वारा की गई जांच को काफी हद तक समझने में मदद मिलेगी। जिससे हमारी जांच की दिशा भी आगे बढ़ सकेगी।
