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Burhanpur: परिषद की बैठक में कांग्रेस पार्षद ने खस्ता हाल सड़कों का जताया अनोखा विरोध, जमकर हुआ हंगामा
Wed, 26 Jul 2023 08:57 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 26 Jul 2023 08:57 AM IST
सार
बुधवारा वार्ड से कांग्रेसी पार्षद शाहिद ने बैनर पहनकर अपना विरोध जताया। बैनर में लिखा था महापौर नगर निगम का एक साल बदहाल। बैनर में शहर की सड़कों में पड़े गड्ढे दिखाई दे रहे थे।
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परिषद की बैठक में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुरहानपुर जिले में मंगलवार को नगर निगम द्वारा परिषद की बैठक रखी गई थी, जिसमें जमकर हंगामा हो गया। दरअसल परिषद की बैठक के दौरान एक कांग्रेसी पार्षद ने अनूठे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। बुधवारा वार्ड से कांग्रेसी पार्षद शाहिद ने बैनर पहनकर अपना विरोध जताया। बैनर में लिखा था महापौर नगर निगम का एक साल बदहाल। बैनर में शहर की सड़कों में पड़े गड्ढे दिखाई दे रहे थे। उन फ़ोटो को दिखाकर यह साबित कर रहे थे कि जिस प्रकार शहर की सड़कें बदहाल हैं। विपक्षी पार्षदों का आरोप था कि महापौर माधुरी पटेल का एक साल का कार्यकाल भी बदहाली पूर्वक निकला है। क्योंकि पूरे सालभर में शहर में एक भी विकास का कार्य नहीं हुआ है। बल्कि शहर में बदहाली की स्थिति निर्मित हो चुकी है। जिसका विरोध सभी विपक्षी पार्षदों ने किया।
बैनर के जरिए विरोध होता देख सत्ता पक्ष के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच विवाद की स्थिति तक बन गई। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। बड़ी मशक्कत के बाद परिषद की बैठक संपन्न हो पाई। बैनर पहन कर विरोध दर्ज कराने वाले कांग्रेसी पार्षद शाहिद ने बताया कि महापौर की परिषद को एक साल पूरा हो गया है। लेकिन शहर की हालत बदहाल है। शहर में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में शहर हो गया है। हमारी मांग है कि सबसे पहले शहर की सड़कें बनाई जाएं। अगर शहर की सड़कें नहीं सुधरी तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इधर महापौर माधुरी पटेल ने कहा कि यह सब सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया गया है। बता दें, बुरहानपुर में सड़कों की हालत बहुत ख़राब है। इसी बात को लेकर कांग्रेसी पार्षद ने अपना विरोध दर्ज कराया था।
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बुरहानपुर जिले में पिछले कई महीनों से नगर निगम में परिषद की बैठक नहीं बुलाई गई थी। परिषद की बैठक के लिए विपक्षी पार्षदों ने आंदोलन किया साथ ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परिषद को बैठक बुलाने के लिए भी आग्रह किया था, जिसके बाद महापौर, नगर निगम अध्यक्ष और कमिश्नर ने मंगलवार का दिन तय कर बैठक बुलाई थी। लेकिन बैठक प्रारम्भ होते ही बैठक में हंगामा हो गया। हंगामा इतना बढ़ा कि देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। दोनों ओर से पार्षद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
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बैनर के जरिए विरोध होता देख सत्ता पक्ष के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच विवाद की स्थिति तक बन गई। दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। बड़ी मशक्कत के बाद परिषद की बैठक संपन्न हो पाई। बैनर पहन कर विरोध दर्ज कराने वाले कांग्रेसी पार्षद शाहिद ने बताया कि महापौर की परिषद को एक साल पूरा हो गया है। लेकिन शहर की हालत बदहाल है। शहर में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में शहर हो गया है। हमारी मांग है कि सबसे पहले शहर की सड़कें बनाई जाएं। अगर शहर की सड़कें नहीं सुधरी तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इधर महापौर माधुरी पटेल ने कहा कि यह सब सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए किया गया है। बता दें, बुरहानपुर में सड़कों की हालत बहुत ख़राब है। इसी बात को लेकर कांग्रेसी पार्षद ने अपना विरोध दर्ज कराया था।
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बुरहानपुर जिले में पिछले कई महीनों से नगर निगम में परिषद की बैठक नहीं बुलाई गई थी। परिषद की बैठक के लिए विपक्षी पार्षदों ने आंदोलन किया साथ ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परिषद को बैठक बुलाने के लिए भी आग्रह किया था, जिसके बाद महापौर, नगर निगम अध्यक्ष और कमिश्नर ने मंगलवार का दिन तय कर बैठक बुलाई थी। लेकिन बैठक प्रारम्भ होते ही बैठक में हंगामा हो गया। हंगामा इतना बढ़ा कि देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। दोनों ओर से पार्षद एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
