{"_id":"c5f8cdb4-7425-11e2-979c-d4ae52bc57c2","slug":"bjp-discussed-planning-for-next-legislative-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा ने बनाई केंद्र की नाकामी भुनाने की रणनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा ने बनाई केंद्र की नाकामी भुनाने की रणनीति
भोपाल/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 11 Feb 2013 02:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्य प्रदेश इकाई की कार्यसमिति की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में चुनाव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की खूबियों और केंद्र सरकार की नाकामियों को भुनाने की नीति बनाई गई।
विज्ञापन
इस एकदिवसीय बैठक में गौरीशंकर शेजवार द्वारा प्रस्तुत किये गये राजनीतिक प्रस्ताव में केंद्र सरकारी की नीतियों की आलोचना की गई। देश में बढ़ते आतंकवाद, नक्सल समस्या और मंहगाई के लिये केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। साथ ही राज्य सरकार द्वारा हर वर्ग की बेहतरी के लिये किये जा रहे प्रयासों की चर्चा की गई। बैठक में राजनीतिक, कृषि और युवा प्रस्ताव भी रखे गये।
विज्ञापन
कार्यसमिति की बैठक में युवा और कृषि प्रस्ताव में राज्य सरकार द्वारा किये गये कार्यों की भी चर्चा हुई। राज्य में कृषि क्षेत्र में मिली उपलब्धियों का श्रेय मुख्यमंत्री को दिया गया। कार्यसमिति का उद्घाटन करते हुये पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मप्र प्रभारी अनंत कुमार ने केंद्र सरकार और कांग्रेस नेताओं पर राज्य के विकास में रूकावट डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राज्य को लेकर अफवाहें फैलाते रहते हैं। केंद्र सरकार से राज्य को जो मदद मिलनी चाहिये वह नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं अनंत कुमार ने प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि आज मौनी अमावस्या है, इसलिए ज्यादा नहीं बोलना चाहिए मगर 'मौनी बाबा' मनमोहन सिंह तो ऊपर बैठे हैं, जो पिछले आठ वर्षों से बोल ही नहीं रहे हैं। राज्य इकाई की कमान नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा संभाले जाने के बाद कार्यसमिति की यह पहली बैठक हो रही है। पहले यह बैठक दो दिवसीय होने वाली थी लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता नारायण प्रसाद गुप्ता के निधन के कारण पहले दिन की बैठक निरस्त कर दी गई।
