फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   What will the weather be like in Madhya Pradesh?: Rain to continue even in the last week of October; alert iss

मध्य प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा?: अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी नहीं थमेगी बारिश, आज इन जिलों में अलर्ट

Thu, 22 Oct 2026 07:15 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 22 Oct 2026 07:15 AM IST
सार

मानसून की विदाई के बाद भी मध्य प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 24 अक्टूबर से नए मौसम तंत्र के असर से फिर बारिश होने की संभावना है। अमरकंटक में रात का तापमान 15.8 डिग्री तक पहुंच गया है।

विज्ञापन
What will the weather be like in Madhya Pradesh?: Rain to continue even in the last week of October; alert iss
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश में अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश के बीच गुजरने के आसार हैं। मानसून की विदाई के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद थी, लेकिन लगातार सक्रिय हो रहे मौसमी तंत्र ने बारिश का सिलसिला बनाए रखा है। गुरुवार को प्रदेश के 11 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 24 अक्टूबर से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। इंदौर संभाग में अगले दो दिन तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, गुरुवार को इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। नर्मदापुरम क्षेत्र में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन


दशहरे पर चार साल बाद बारिश
इस बार दशहरे पर बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना, सागर, सीहोर और रतलाम शामिल हैं। रायसेन जिले के गैरतगंज में सबसे ज्यादा करीब सवा इंच बारिश हुई, जबकि खंडवा में एक इंच पानी गिरा। सीहोर में हवा की रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। बुधवार शाम को शाजापुर जिले के अकोदिया में करीब 20 मिनट तक बारिश हुई। इंदौर, सीहोर और शाजापुर में भी तेज बारिश का दौर चला, जबकि भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और रात में कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। इससे पहले 2022 में भी दशहरे के दिन तेज बारिश हुई थी। उस दौरान भोपाल में बारिश के कारण रावण का पुतला नहीं जल पाया था। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर दहन करने की कोशिश की गई थी। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी बारिश से रावण दहन के आयोजन प्रभावित हुए थे।
विज्ञापन


अमरकंटक में 15.8 डिग्री पर पहुंचा तापमान
बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में रात की ठंडक भी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री दर्ज किया गया। रीवा में यह 16 डिग्री, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री, मंदसौर में 16.8 डिग्री और दतिया में 17 डिग्री रहा। अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है। हालांकि, दिन में गर्मी का असर अभी बना हुआ है। भोपाल, राजगढ़, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में अधिकतम तापमान 34.4 से 35.8 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। यानी प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप और गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है। इसी बीच कुछ इलाकों में आंधी और बारिश भी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर भी छह दिन से बारिश
मध्य प्रदेश से तीन अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया, लेकिन इसके बाद भी बारिश पूरी तरह नहीं थमी। पिछले करीब छह दिनों से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का रुख कुछ ऐसा ही है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ हुआ और धूप निकलने लगी, लेकिन रात में ठंडक के साथ कई जिलों में बारिश की गतिविधियां भी जारी रहीं। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा।

यह भी पढ़ें-ई-अटेंडेंस में नेटवर्क की चूक में भी कट रही सैलरी: तकनीकी खामियों का खामियाजा भुगत रहे शिक्षक, सुधार की मांग


पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी
बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में कुल बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक रही है। हालांकि, इन संभागों के कुछ जिलों में भी बारिश की कमी दर्ज की गई है।बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। दूसरी ओर, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।


जून की कमी की भरपाई नहीं कर पाया मानसून
प्रदेश में इस साल कम बारिश होने की एक प्रमुख वजह जून में हुई कम बरसात है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून दो बार कमजोर पड़ा और कई दिनों तक बारिश नहीं हुई।मानसून के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसमी तंत्र से बारिश बढ़ी, लेकिन जून की कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा बेहतर रहने के बावजूद पूरे सीजन में प्रदेश सामान्य से करीब चार प्रतिशत पीछे रह गया। मध्य प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। इस बार कुल बारिश इसी सामान्य स्तर से कम रही। अब मानसून की विदाई के बाद भी अक्टूबर में सक्रिय हो रहे मौसमी तंत्र बारिश करा रहे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed