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शिक्षक अभ्यर्थियों का अनशन खत्म: पटवारी ने पिलाया नारियल पानी, बोले- मांग के लिए लड़ना है तो पहले जीवित रहो
Thu, 08 Oct 2026 05:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 08 Oct 2026 05:23 PM IST
सार
शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई कार्यालय के बाहर 18 दिन से चल रहा अनशन गुरुवार को खत्म हो गया। जीतू पटवारी ने आंदोलनकारियों को नारियल पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया और सरकार से पद बढ़ाने पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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आंदोलन स्थल पहुंचे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर डीपीआई कार्यालय के बाहर चल रहा अनशन 18 दिन बाद गुरुवार को खत्म हो गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और अनशन कर रहे अभ्यर्थियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने नारियल पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे नरेंद्र राजपूत समेत अन्य अभ्यर्थियों से चर्चा के दौरान पटवारी ने कहा कि इतने लंबे समय से युवा अपनी मांग को लेकर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के बीच आकर उन्हें अनशन खत्म करने के लिए समझाना उनकी जिम्मेदारी है।
पद बढ़ाने की मांग पर सरकार से निर्णय लेने की अपील
पटवारी ने कहा कि शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार को सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। उनके मुताबिक प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं और भर्ती में पद बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सरकार से इस मामले में उदारता के साथ निर्णय लेने की अपील की। पटवारी ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवा प्रदेश के ही परिवारों से हैं, इसलिए उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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कर्ज लेकर दूसरे काम हो सकते हैं तो शिक्षकों के पद क्यों नहीं बढ़ सकते
पटवारी ने सरकार के बजट संबंधी तर्क पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग जरूरतों के लिए कर्ज ले रही है। ऐसे में यदि शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ती है तो सरकार को इस दिशा में भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और सरकार लगातार कर्ज लेकर व्यवस्थाएं चला रही है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में खर्च बढ़ने को केवल बजट की कमी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
राहुल गांधी के पत्र का भी किया जिक्र
पटवारी ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग को लेकर राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री से पद बढ़ाने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि शिक्षक समाज को लगातार आंदोलन की स्थिति में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि मामले का समाधान बातचीत और सकारात्मक निर्णय के जरिए किया जाए।
यह भी पढ़ें-भोपाल में नो यूपीआई डे: व्यापारियों ने क्यूआर से नहीं लिया भुगतान, बोले-16 अक्टूबर से पूरी तरह यूपीआई बंद
आंदोलन खत्म, मांग पर फैसला अभी बाकी
18 दिन बाद अनशन तो समाप्त हो गया, लेकिन शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय होना बाकी है। आंदोलनकारियों की मांग है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।
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पद बढ़ाने की मांग पर सरकार से निर्णय लेने की अपील
पटवारी ने कहा कि शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार को सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। उनके मुताबिक प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं और भर्ती में पद बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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उन्होंने सरकार से इस मामले में उदारता के साथ निर्णय लेने की अपील की। पटवारी ने कहा कि आंदोलन कर रहे युवा प्रदेश के ही परिवारों से हैं, इसलिए उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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कर्ज लेकर दूसरे काम हो सकते हैं तो शिक्षकों के पद क्यों नहीं बढ़ सकते
पटवारी ने सरकार के बजट संबंधी तर्क पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग जरूरतों के लिए कर्ज ले रही है। ऐसे में यदि शिक्षकों के पद बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ती है तो सरकार को इस दिशा में भी विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और सरकार लगातार कर्ज लेकर व्यवस्थाएं चला रही है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में खर्च बढ़ने को केवल बजट की कमी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
राहुल गांधी के पत्र का भी किया जिक्र
पटवारी ने आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांग को लेकर राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री से पद बढ़ाने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि शिक्षक समाज को लगातार आंदोलन की स्थिति में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि मामले का समाधान बातचीत और सकारात्मक निर्णय के जरिए किया जाए।
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आंदोलन खत्म, मांग पर फैसला अभी बाकी
18 दिन बाद अनशन तो समाप्त हो गया, लेकिन शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय होना बाकी है। आंदोलनकारियों की मांग है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।
