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मध्यप्रदेश : हाईकोर्ट ने 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर रोक बरकरार रखी, 30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
Mon, 20 Sep 2021 02:44 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 20 Sep 2021 02:44 PM IST
सार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में 27 फीसद ओबीसी आरक्षण पर रोक बरकरार रखी है। इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई अब 30 सितंबर को होगी।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में 27 फीसद ओबीसी आरक्षण पर रोक बरकरार रखी है। इसी के साथ मामले की अगली सुनवाई अब 30 सितंबर को होगी। चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने इसपर आज सुनवाई की।
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वहीं सुनवाई के दौरान अधिवक्ता आदित्य संघी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी वाले फैसले में स्पष्ट किया है कि आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकता।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नौ सितंबर 2020 को महाराष्ट्र सरकार द्वारा दिए गए 50 फीसदी से अधिक आरक्षण को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिए जाने से आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक हो गई है।
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वहीं ओबीसी एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन की अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने भी याचिका दायर कर 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का समर्थन किया था। ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से तर्क दिया गया कि पूर्व आदेश के चलते सरकार ओबीसी वर्ग को निर्धारित 14 फीसदी का लाभ नहीं दे रही है।
वहीं याचिकाकर्ता यूथ फार इक्वेलिटी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सुयश ठाकुर ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने अदालत से कहा कि राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दो सितंबर, 2021 को ओबीसी आरक्षण के सबंध में जारी नया आदेश चुनौती के योग्य है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह आदेश ओबीसी आरक्षण मामला कोर्ट में लंबित होने के बावजूद मनमाने तरीके से जारी किया गया है।
