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MP Election 2023: कांग्रेस को 'ऑपरेशन लोटस' का डर, परिणाम से पहले ही प्रत्याशियों की होगी शपथ
Thu, 23 Nov 2023 11:56 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 23 Nov 2023 11:56 AM IST
सार
MP Election 2023: सरकार आने पर उसे पांच साल तक बनाए रखना कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में कांग्रेस अपनी पिछली गलतियों से सीख कर इस बार कोई चूक नहीं होने देना चाहती है। बताया जा रहा है कि पीसीसी में 26 नवंबर को होने वाली ट्रेनिंग में प्रत्याशियों को एक खास शपथ दिलाई जाएगी।
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पीसीसी चीफ कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश कांग्रेस को अभी से ही 'ऑपरेशन लोटस' का डर सता रहा है। ऐसे में कांग्रेस 3 दिसंबर को आने वाले विधानसभा चुनाव परिणाम के पहले ही अपने प्रत्याशियों को सच्ची निष्ठा, ईमानदारी और पार्टी न छोड़ने, पार्टी के साथ बने रहने की शपथ दिलवाएगी। जी हां सूत्रों को माने तो भोपाल में 26 नवंबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ये शपथ दिलवाई जायेगी। दरअसल, इस दिन कांग्रेस ने अपने सभी प्रत्याशियों को मतगणना ट्रेनिंग के लिए भोपाल बुलाया है। ऐसा बताया जा रहा है कि इसी दिन ट्रेनिंग के बाद ये शपथ दिलवाई जायेगी। ताकि परिणाम आने के बाद कोई भी प्रत्याशी विधायक बनने पर किसी प्रकार के प्रलोभन में न आए।
रहेगी सीनियर लीडर की नजर
इसके साथ ही कांग्रेस के सीनियर लीडर सभी उम्मीदवारों पर नजर भी रखेंगे। संभागवार कांग्रेस की ओर से जिम्मेदारी सीनियर विधायकों को दे दी गई है। बता दें, 2018 में कांग्रेस की सरकार आने पर 'ऑपरेशन लोटस' की चर्चा जोरों पर रही थी। कांग्रेस के कई विधायक टूटकर बीजेपी में चले गए थे, जिससे कांग्रेस के हाथ से सत्ता फिर छिन गई थी।
इनका कहना है
इधर, कांग्रेस वचन पत्र समिति के अध्यक्ष और सीनियर लीडर राजेंद्र सिंह का कहना है कि दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार मिस कम्युनिकेशन की वजह से कुछ गलतियां हुई थीं, लेकिन इस बार सभी वरिष्ठ नेता प्रत्याशियों के संपर्क में हैं। गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस में कोई भी बड़ा नेता नहीं है। कमलनाथ ही सबसे सीनियर हैं। ऐसी स्थिति में इस बार पहले जैसे हालात नहीं बनेंगे।
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रहेगी सीनियर लीडर की नजर
इसके साथ ही कांग्रेस के सीनियर लीडर सभी उम्मीदवारों पर नजर भी रखेंगे। संभागवार कांग्रेस की ओर से जिम्मेदारी सीनियर विधायकों को दे दी गई है। बता दें, 2018 में कांग्रेस की सरकार आने पर 'ऑपरेशन लोटस' की चर्चा जोरों पर रही थी। कांग्रेस के कई विधायक टूटकर बीजेपी में चले गए थे, जिससे कांग्रेस के हाथ से सत्ता फिर छिन गई थी।
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इनका कहना है
इधर, कांग्रेस वचन पत्र समिति के अध्यक्ष और सीनियर लीडर राजेंद्र सिंह का कहना है कि दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार मिस कम्युनिकेशन की वजह से कुछ गलतियां हुई थीं, लेकिन इस बार सभी वरिष्ठ नेता प्रत्याशियों के संपर्क में हैं। गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस में कोई भी बड़ा नेता नहीं है। कमलनाथ ही सबसे सीनियर हैं। ऐसी स्थिति में इस बार पहले जैसे हालात नहीं बनेंगे।
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