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मध्यप्रदेश: कूनो में चीते के शिकार के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल, अजय दुबे ने मांगी सीबीआई जांच
Tue, 27 Oct 2026 09:47 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 27 Oct 2026 09:47 PM IST
सार
कूनो में चीते के शिकार की घटना के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर रेडियो कॉलर वाले तेंदुओं और लकड़बग्घों की स्थिति की जांच तथा मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
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वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कूनो नेशनल पार्क और आसपास के जंगलों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारियों को पत्र लिखकर रेडियो कॉलर लगाए गए तेंदुओं और लकड़बग्घों की स्थिति की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कूनो-मुरैना क्षेत्र में शिकारियों द्वारा चीते को गोली मारे जाने की घटना का हवाला देते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। मंगलवार को भेजे गए पत्र में दुबे ने आरोप लगाया कि कूनो में वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा में गंभीर चूक हुई है। उन्होंने कहा कि रेडियो कॉलर लगे चीते की लोकेशन शिकारियों तक कैसे पहुंची, हथियारों के साथ वे प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे पहुंचे और चीते की 24 घंटे निगरानी करने वाली टीम उस समय कहां थी, इसकी जांच होनी चाहिए।
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सीबीआई जांच और अधिकारियों को हटाने की मांग
अजय दुबे ने केंद्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कूनो के फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ को पद से हटाने की भी मांग की, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। साथ ही, उन्होंने बचे हुए चीतों की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े इंतजाम करने और उनकी निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में दुबे ने जून 2025 और जुलाई 2026 में श्योपुर, शिवपुरी और कूनो के जंगलों में शिकारियों के गिरोह पकड़े जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं की गई और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई।
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तेंदुओं के शिकार और साक्ष्य छिपाने का भी आरोप
दुबे ने कूनो, श्योपुर और शिवपुरी के जंगलों में तेंदुओं के शिकार तथा महत्वपूर्ण साक्ष्य छिपाए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रेडियो कॉलर लगे वन्यजीवों की स्थिति और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल, ये मांगें वन्यजीव कार्यकर्ता की ओर से भेजे गए पत्र में उठाई गई हैं। पत्र में लगाए गए आरोपों और मांगी गई कार्रवाई पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
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सीबीआई जांच और अधिकारियों को हटाने की मांग
अजय दुबे ने केंद्र सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कूनो के फील्ड डायरेक्टर और डीएफओ को पद से हटाने की भी मांग की, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। साथ ही, उन्होंने बचे हुए चीतों की सुरक्षा के लिए तत्काल कड़े इंतजाम करने और उनकी निगरानी बढ़ाने का आग्रह किया है। पत्र में दुबे ने जून 2025 और जुलाई 2026 में श्योपुर, शिवपुरी और कूनो के जंगलों में शिकारियों के गिरोह पकड़े जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं की गई और कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई।
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तेंदुओं के शिकार और साक्ष्य छिपाने का भी आरोप
दुबे ने कूनो, श्योपुर और शिवपुरी के जंगलों में तेंदुओं के शिकार तथा महत्वपूर्ण साक्ष्य छिपाए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रेडियो कॉलर लगे वन्यजीवों की स्थिति और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल, ये मांगें वन्यजीव कार्यकर्ता की ओर से भेजे गए पत्र में उठाई गई हैं। पत्र में लगाए गए आरोपों और मांगी गई कार्रवाई पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है।
