फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Mann Ki Baat: Indigenous dogs being trained at Gwalior's dog training centre, PM says they are showing bravery

मन की बात: ग्वालियर के डॉग ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेंड हो रहे स्वदेशी श्वान,PM बोले- दिखा रहे बहादुरी और साहस

Sun, 26 Oct 2025 07:52 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 26 Oct 2025 07:52 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में ग्वालियर के टेकनपुर स्थित BSF नेशनल ट्रेनिंग सेंटर को सराहते हुए भारतीय नस्ल के श्वानों की बहादुरी को रेखांकित किया। यह केंद्र रामपुर हाउंड और मुधोल हाउंड जैसी देशी नस्लों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित कर सुरक्षा तंत्र को मजबूत कर रहा है। 
 

विज्ञापन
Mann Ki Baat: Indigenous dogs being trained at Gwalior's dog training centre, PM says they are showing bravery
ग्वालियर स्थित श्वान ट्रेनिंग सेंटर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

'मन की बात' की 127वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल पहले की गई अपील का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने देशवासियों और सुरक्षा बलों से भारतीय नस्ल के श्वानों को अपनाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि ये श्वान हमारे जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल आसानी से ढल जाते हैं। अब BSF और CRPF ने ट्रेनिंग में इनकी संख्या बढ़ाकर सराहनीय कदम उठाया है। खास तौर पर ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित BSF का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां उत्तर प्रदेश की रामपुर हाउंड और कर्नाटक-महाराष्ट्र की मुधोल हाउंड नस्लों पर विशेष फोकस है। प्रशिक्षक तकनीक और इनोवेशन का इस्तेमाल कर इन श्वानों को बेहतर ट्रेनिंग दे रहे हैं। भारतीय नस्लों की अनोखी ताकतों को उभारने के लिए ट्रेनिंग मैनुअल को पूरी तरह नया रूप दिया गया है। पीएम ने बताया कि अब BSF ने इन श्वानों को विदेशी नामों के बजाय भारतीय नाम देने की परंपरा शुरू की है, जो सांस्कृतिक गौरव को भी बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: प्रदेश भाजपा में संगठन विस्तार के बाद अब निगम-मंडलों की बारी, राजनीतिक नियुक्तियों पर नजरें टिकीं
विज्ञापन


टेकनपुर सेंटर की सफलता के कई जीवंत उदाहरण हैं। पिछले साल लखनऊ के ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में BSF की मुधोल हाउंड 'रिया' ने कई विदेशी नस्लों को पीछे छोड़कर पहला पुरस्कार जीता। इसी तरह, छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्र में CRPF का एक देसी श्वान गश्त के दौरान 8 किलोग्राम विस्फोटक का पता लगा चुका है। ये किस्से भारतीय श्वानों की सतर्कता और साहस को दर्शाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: पूर्व विधायक मुकेश चतुर्वेदी की बिगड़ी तबीयत, सीएम की तत्परता से एयरलिफ्ट कर कराया गया ग्वालियर शिफ्ट

बेंगलुरु के CRPF डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्कूल में भी मोंग्रेल, मुधोल हाउंड, कोम्बाई और पांडिकोना जैसी नस्लों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पीएम ने इन प्रयासों की बधाई देते हुए कहा कि यह न केवल सुरक्षा को मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में पहली बार भारतीय श्वानों की अलग मार्चिंग टुकड़ी हिस्सा लेगी। यहां 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के पास इनकी ट्रेनिंग डेमो भी दिखाई जाएगी।

ये भी पढ़ें-  MP News: 67वां कालिदास समारोह 1 नवंबर से,नवाचारों से सजेगा सांस्कृतिक महोत्सव,उज्जैन बनेगा कला का वैश्विक केंद्र

यह ट्रेनिंग दी जा रही श्वानों को 
इस केंद्र में श्वानों को विविध कार्यों के लिए तैयार किया जाता है। इनमें विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की पहचान, गश्त में सैनिकों का सहयोग, अपराधियों का पीछा और पकड़ना, साथ ही जहरीले पदार्थों का पता लगाना शामिल है। प्रशिक्षण की खासियत यह है कि इन श्वानों को असाधारण कौशल सिखाए जाते हैं, जैसे 20 फीट ऊंची सीढ़ी पर चढ़ना या 18 फीट की दीवार को लांघना। ये कौशल उन्हें सुरक्षा मिशनों में और प्रभावी बनाते हैं।

ये भी पढ़े-  MP Exellence Awards 2025: हमारी बहनें जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर.,सीएम ने बताई स्टार्टअप में महिलाओं की भूमिका
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed