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भोपाल में जुटेंगे चार सौ उद्योगपति: सीएम के सामने रखा जाएगा भोपाल डिक्लेरेशन, 2047 के विकसित भारत पर होगा मंथन
Mon, 19 Oct 2026 05:59 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 19 Oct 2026 05:59 PM IST
सार
भोपाल में 22 और 23 अक्टूबर को विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में भोपाल डिक्लेरेशन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें एमएसएमई के विकास, निवेश, रोजगार, तकनीकी उन्नयन और निर्यात बढ़ाने के सुझाव शामिल होंगे। सम्मेलन में 10 से 15 राज्यों के करीब 400 उद्यमियों के साथ विदेशी कारोबारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
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फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में उद्योग और व्यापार को नई दिशा देने के साथ छोटे उद्योगों के लिए निवेश, वित्त और निर्यात के अवसर बढ़ाने पर राष्ट्रीय स्तर पर मंथन होने जा रहा है। राजधानी में 22 और 23 अक्टूबर को ‘विकसित भारत उद्योग व्यापार सम्मेलन 2026’ आयोजित होगा। इसमें देश के 10 से 15 राज्यों के करीब 400 उद्यमी, उद्योग संगठनों के पदाधिकारी और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। रूस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत अन्य देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि होंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दूसरे दिन के कार्यक्रम एनराइज बाय सयाजी में होंगे।
मुख्यमंत्री को सौंपेंगे भोपाल डिक्लेरेशन
सम्मेलन का सबसे अहम प्रस्ताव भोपाल डिक्लेरेशन होगा। इसमें अलग-अलग राज्यों से आने वाले उद्योग एवं व्यापार संगठनों, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और एमएसएमई संस्थाओं से मिले सुझावों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और तकनीकी उन्नयन के लिए नीतिगत सुझाव तैयार करना है। फेडरेशन मुख्यमंत्री से इन सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों व भारत सरकार के समक्ष रखने की पहल करने का अनुरोध करेगा। आयोजकों के मुताबिक, इससे देशभर के एमएसएमई के विकास और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उद्योग-व्यापार जगत की भागीदारी मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
निर्यात से लेकर कारोबार की नई तकनीकों पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न राज्यों के उद्योग और व्यापार संगठन अपनी सफल कार्यप्रणालियों और कारोबारी अनुभवों का प्रस्तुतिकरण देंगे। एमएसएमई के सामने वित्त जुटाने, बाजार तक पहुंच बनाने और निर्यात बढ़ाने जैसी चुनौतियों पर चर्चा होगी। इसके बाद एमएसएमई निर्यात को प्रोत्साहन देने में प्रमुख एजेंसियों की भूमिका पर पैनल चर्चा प्रस्तावित है। कार्यक्रम में निवेश संवर्धन, विनिर्माण, वैश्विक व्यापार, निर्यात प्रोत्साहन, नवाचार और कारोबार करने की सुगमता जैसे विषय भी शामिल हैं। इसके साथ ही व्यवसाय से व्यवसाय और व्यवसाय से सरकार के बीच संवाद के अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
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दूसरे दिन पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा क्षेत्र पर फोकस
23 अक्टूबर को पर्यटन एवं आतिथ्य, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई के लिए ऋण की उपलब्धता और पावर इंजीनियरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर विशेष सत्र होंगे। निर्धारित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञों, सिडबी और बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक के संबोधन शामिल हैं। इसके बाद समापन सत्र और भोपाल दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। सम्मेलन में एआई, रोबोटिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसी तकनीकों को अपनाने, आपूर्ति शृंखला में सहयोग, वेंडर विकास और अंतरराज्यीय व्यापार बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श होगा। ‘मेक इन एमपी’ प्रदर्शनी में प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, उद्यमिता और नवाचार को प्रदर्शित किया जाएगा।
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स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजन
फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि संगठन वर्ष 1975 से उद्योग और व्यापार के हितों के लिए काम कर रहा है। स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह सम्मेलन राष्ट्रीय उद्योग संगठनों और क्षेत्रीय व्यापारिक संस्थाओं को एक मंच पर लाने की पहल है। उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों, एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप, निर्यातकों और उद्योग संगठनों से सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया। आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन का मूल संदेश ‘एक राष्ट्र, एक उद्योग दृष्टि, एक विकसित भारत’ है। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के साथ विभिन्न राज्यों के बीच व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देना है।
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मुख्यमंत्री को सौंपेंगे भोपाल डिक्लेरेशन
सम्मेलन का सबसे अहम प्रस्ताव भोपाल डिक्लेरेशन होगा। इसमें अलग-अलग राज्यों से आने वाले उद्योग एवं व्यापार संगठनों, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स और एमएसएमई संस्थाओं से मिले सुझावों को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने, रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और तकनीकी उन्नयन के लिए नीतिगत सुझाव तैयार करना है। फेडरेशन मुख्यमंत्री से इन सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों व भारत सरकार के समक्ष रखने की पहल करने का अनुरोध करेगा। आयोजकों के मुताबिक, इससे देशभर के एमएसएमई के विकास और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उद्योग-व्यापार जगत की भागीदारी मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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निर्यात से लेकर कारोबार की नई तकनीकों पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन विभिन्न राज्यों के उद्योग और व्यापार संगठन अपनी सफल कार्यप्रणालियों और कारोबारी अनुभवों का प्रस्तुतिकरण देंगे। एमएसएमई के सामने वित्त जुटाने, बाजार तक पहुंच बनाने और निर्यात बढ़ाने जैसी चुनौतियों पर चर्चा होगी। इसके बाद एमएसएमई निर्यात को प्रोत्साहन देने में प्रमुख एजेंसियों की भूमिका पर पैनल चर्चा प्रस्तावित है। कार्यक्रम में निवेश संवर्धन, विनिर्माण, वैश्विक व्यापार, निर्यात प्रोत्साहन, नवाचार और कारोबार करने की सुगमता जैसे विषय भी शामिल हैं। इसके साथ ही व्यवसाय से व्यवसाय और व्यवसाय से सरकार के बीच संवाद के अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
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दूसरे दिन पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और ऊर्जा क्षेत्र पर फोकस
23 अक्टूबर को पर्यटन एवं आतिथ्य, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई के लिए ऋण की उपलब्धता और पावर इंजीनियरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर विशेष सत्र होंगे। निर्धारित कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञों, सिडबी और बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक के संबोधन शामिल हैं। इसके बाद समापन सत्र और भोपाल दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। सम्मेलन में एआई, रोबोटिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसी तकनीकों को अपनाने, आपूर्ति शृंखला में सहयोग, वेंडर विकास और अंतरराज्यीय व्यापार बढ़ाने के अवसरों पर भी विचार-विमर्श होगा। ‘मेक इन एमपी’ प्रदर्शनी में प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, उद्यमिता और नवाचार को प्रदर्शित किया जाएगा।
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स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजन
फेडरेशन के अध्यक्ष हिमांशु खरे ने बताया कि संगठन वर्ष 1975 से उद्योग और व्यापार के हितों के लिए काम कर रहा है। स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह सम्मेलन राष्ट्रीय उद्योग संगठनों और क्षेत्रीय व्यापारिक संस्थाओं को एक मंच पर लाने की पहल है। उन्होंने उद्योगपतियों, व्यापारियों, एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप, निर्यातकों और उद्योग संगठनों से सम्मेलन में भाग लेने का आह्वान किया। आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन का मूल संदेश ‘एक राष्ट्र, एक उद्योग दृष्टि, एक विकसित भारत’ है। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के साथ विभिन्न राज्यों के बीच व्यावसायिक साझेदारियों को बढ़ावा देना है।
