एमपी: दुरंतो एक्सप्रेस में पैंट्री कर्मचारियों व यात्री के बीच मारपीट, रानी कमलापति स्टेशन पर हंगामा; केस दर्ज
भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस में रास्ता खाली कराने को लेकर यात्री अरमान खान और पैंट्री कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई। आमला जीआरपी में केस दर्ज है। तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
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रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा के दावों के बीच राजधानी भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर दुरंतो एक्सप्रेस में विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। दिल्ली सराय रोहिल्ला से यशवंतपुर जा रही एसी दुरंतो एक्सप्रेस में पैंट्री कर्मचारियों और यात्रियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि मामला बढ़ने पर चेन पुलिंग की गई और ट्रेन के रानी कमलापति स्टेशन पहुंचने के दौरान एक यात्री के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रानी कमलापति स्टेशन के जीआरपी थाना प्रभारी अमित शर्मा के अनुसार, 22 वर्षीय अरमान खान बेंगलुरु का रहने वाला है। मंगलवार शाम ट्रेन के रानी कमलापति स्टेशन पहुंचने पर वह दूध लेने के लिए अपनी बोगी से बाहर निकल रहा था। इसी दौरान पैंट्री वेंडर ट्रेन में खाने का सामान चढ़ा रहे थे। इससे रास्ता बंद हो गया और अरमान को बाहर निकलने में परेशानी होने लगी। अरमान ने रास्ता खाली करने के लिए कहा तो पैंट्री कर्मचारियों के साथ उसका विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। हालांकि, कुछ ही देर में ट्रेन रवाना हो गई और दोनों पक्ष ट्रेन में सवार हो गए।
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अरमान ने बैतूल जिले के आमला जीआरपी थाने में अज्ञात युवकों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, केस डायरी रानी कमलापति जीआरपी थाने पहुंच गई है। इसके आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मारपीट में शामिल आरोपियों की वास्तविक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
मौके पर सुरक्षा बल की मौजूदगी पर सवाल
घटना के दौरान मौके पर केवल एक महिला पुलिसकर्मी के नजर आने की बात भी सामने आई है। यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई, तो उस समय पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद था या नहीं, यह जांच का विषय है। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। हालांकि, मौके पर सुरक्षा बल की वास्तविक संख्या और पुलिस की भूमिका के संबंध में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
