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मप्र में पटाखों पर बैन: मध्यप्रदेश में ग्वालियर, सिंगरौली में पटाखों पर बैन, भोपाल, इंदौर समेत 21 शहरों में दो घंटे फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे
Tue, 02 Nov 2021 12:21 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:21 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में ग्वालियर और सिंगरौली में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह बैन रहेगा। भोपाल, इंदौर समेत राज्य के 21 शहरों में दो घंटे ग्रीन पटाखे ही फोड़े जा सकेंगे।
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दिवाली के पटाखे
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारक मंडल ने राज्य में दीपावली पर पटाखों को लेकर गाइडलाइन जारी की है। मंडल ने 2020 के नवंबर महीने में हवा की क्वालिटी के आंकड़ों के आधार पर इस गाइडलाइन को तैयार किया है। इसके तहत ग्वालियर और सिंगरौली में पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह बैन रहेगा। इसी तरह, भोपाल, इंदौर समेत राज्य के 21 शहरों में दो घंटे ग्रीन पटाखे ही फोड़े जा सकेंगे। जिन शहरों में पटाखे के कारण प्रदूषण बढ़ गया था, उसके लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
नई गाइडलाइन के मुताबिक दीपावली पर भोपाल, कटनी, हरदा, धार, रतलाम, रायसेन, इंदौर, नीमच, उज्जैन, सागर, जबलपुर, होशंगाबाद, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दमोह, अनूपपुर, देवास, बुरहानपुर, बड़वानी और आलीराजपुर जिलों में रात 8 से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। इन शहरों में पिछले साल एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से 200 के बीच था। ग्वालियर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 248 और सिंगरौली में 211 था, जो सांस लेने के लिए जोखिमपूर्ण माना जाता है।
गाइडलाइन के अनुसार, जिन इलाकों में पटाखों पर प्रतिबंध नहीं है, वहां भी 125 डेसिबल से अधिक आवाज वाले पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे। अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थलों से 100 मीटर तक पटाखों पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। कम रोशनी, बिना धुएं और कम आवाज वाले पटाखे जैसे अनार, फुलझड़ी की अनुमति है।
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लड़ी और रस्सी बम पर पूरी तरह से रोक
प्रदूषण निवारक मंडल की गाइडलाइन कहती है कि ग्रीन पटाखों के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन और नीरी ने क्लासिफिकेशन जारी किया है। ग्रीन पटाखों का ग्रीन फायरवर्क का हरे रंग का लोगो प्रिंट होगा। फुलझड़ी, अनार इसमें शामिल हैं। बेरियम सॉल्ट से बने और आपस में जुड़ी हुई लड़ी वाले पटाखे और रस्सी बम पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। न तो ये बनाए जा सकते हैं और न ही स्टोर और बेचे जा सकते हैं।
विदिशा-सीहोर समेत 29 जिलों में पटाखों पर छूट
विदिशा, खरगोन, सीहोर, छतरपुर, खंडवा, शिवपुरी, रीवा, सीधी, राजगढ़, बैतूल, सतना, पन्ना, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, शाजापुर, बालाघाट, निवाड़ी, गुना, झाबुआ, नरसिंहपुर, दतिया, मंडला, सिवनी, अशोकनगर, शहडोल, डिंडौरी, उमरिया, मंदसौर और आगर में पटाखों पर छूट रहेगी। पिछले साल दीपावली के महीने में यहां एयर क्वालिटी संतोषजनक (100 एयर क्वालिटी इंडेक्स से कम) थी।
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नई गाइडलाइन के मुताबिक दीपावली पर भोपाल, कटनी, हरदा, धार, रतलाम, रायसेन, इंदौर, नीमच, उज्जैन, सागर, जबलपुर, होशंगाबाद, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दमोह, अनूपपुर, देवास, बुरहानपुर, बड़वानी और आलीराजपुर जिलों में रात 8 से 10 बजे के बीच ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। इन शहरों में पिछले साल एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से 200 के बीच था। ग्वालियर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 248 और सिंगरौली में 211 था, जो सांस लेने के लिए जोखिमपूर्ण माना जाता है।
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गाइडलाइन के अनुसार, जिन इलाकों में पटाखों पर प्रतिबंध नहीं है, वहां भी 125 डेसिबल से अधिक आवाज वाले पटाखे नहीं फोड़ सकेंगे। अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थलों से 100 मीटर तक पटाखों पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। कम रोशनी, बिना धुएं और कम आवाज वाले पटाखे जैसे अनार, फुलझड़ी की अनुमति है।
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लड़ी और रस्सी बम पर पूरी तरह से रोक
प्रदूषण निवारक मंडल की गाइडलाइन कहती है कि ग्रीन पटाखों के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन और नीरी ने क्लासिफिकेशन जारी किया है। ग्रीन पटाखों का ग्रीन फायरवर्क का हरे रंग का लोगो प्रिंट होगा। फुलझड़ी, अनार इसमें शामिल हैं। बेरियम सॉल्ट से बने और आपस में जुड़ी हुई लड़ी वाले पटाखे और रस्सी बम पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। न तो ये बनाए जा सकते हैं और न ही स्टोर और बेचे जा सकते हैं।
विदिशा-सीहोर समेत 29 जिलों में पटाखों पर छूट
विदिशा, खरगोन, सीहोर, छतरपुर, खंडवा, शिवपुरी, रीवा, सीधी, राजगढ़, बैतूल, सतना, पन्ना, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, शाजापुर, बालाघाट, निवाड़ी, गुना, झाबुआ, नरसिंहपुर, दतिया, मंडला, सिवनी, अशोकनगर, शहडोल, डिंडौरी, उमरिया, मंदसौर और आगर में पटाखों पर छूट रहेगी। पिछले साल दीपावली के महीने में यहां एयर क्वालिटी संतोषजनक (100 एयर क्वालिटी इंडेक्स से कम) थी।
