MP Election 2023: अशोकनगर में दार्शनिक हो गए सिंधिया, बोले- बिना कपड़े के आए थे, बिना कपड़े ही जाना है
मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी पूर्व रियासत के जिलों की सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने अशोकनगर में कार्यकर्ताओं से सीधी बातचीत की। इस दौरान उनका दार्शनिक अंदाज भी सामने आ गया।
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अशोकनगर जिले में भाजपा के दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं से बातचीत में वे दार्शनिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि अध्यात्म में मेरा पूरा विश्वास है। व्यक्ति बिना कपड़ों के ही जन्म लेता है। फिर बिना कपड़ों के ही दुनिया से विदा हो जाता है। एक दिन हम सबको जाना है। एक दिन हम सबको जाना है। किसी को नहीं मालूम कि उसका बुलावा कब आने वाला है। यह केवल उस परवरदिगार को मालूम है। एक बात स्पष्ट है कि आप और हम इस दुनिया से जाएंगे और परवरदिगार के दरबार में जाएंगे तो वह नहीं पूछने वाला कि आप मंत्री रहे हैं या विधायक रहे हैं या कितने बार सांसद बने? वह यह जरूर पूछेगा कि मैंने तुम्हें पृथ्वी पर मौका दिया तो क्या तुम एक अच्छे इंसान बने?
सिंधिया अशोकनगर जिले में दो दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। इसमें मुंगावली विधानसभा के पिपरई तहसील में तीन मंडल के कार्यकर्ताओं से टेबल पर जाकर मिले। मंच से सिंधिया ने कहा कि सिंधिया परिवार का लक्ष्य हमेशा से क्षेत्र का विकास रहा है। इस लक्ष्य की पूर्ति करने मुंगावली की जनता ने सदैव अपना आशीर्वाद सिंधिया परिवार को दिया है। सौभाग्य मानता हूं मैं एक-एक पोलिंग बूथ के कार्यकर्ता के पास पहुंचा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार को आप सब पटरी से उतारना चाहते हैं क्या? वापस उन छोटे और बड़े भाई के हाथ में मध्य प्रदेश को देना चाहते हैं क्या? आपको लड़ाई लड़नी होगी। यह लड़ाई आप अपनी नहीं लड़ रहे हैं। यह लड़ाई बीजेपी को कुर्सी पर रखने की नहीं है। यह लड़ाई आप अपने माता-पिता के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई आप अपने भाई-बहन के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं। यह लड़ाई अपने परिवार और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए लड़ रहे हैं। आप सबको लड़कर भाजपा को जीत दिलानी होगी। कांग्रेस में बड़ी विचित्र स्थिति है। पिछले कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश का एक पूर्व मुख्यमंत्री और दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में कहता है कि मैंने अपनी पावर ऑफ अटॉर्नी इनके नाम कर दी है। मेरे नाम पर जितनी भी गालियां हैं, वह दे सकते हैं। क्या आपने कभी सुना है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री मंच पर कह रहा हो कि मुझे जो गालियां देना चाहते हैं, वह इन्हें दे दें। एक पूर्व मुख्यमंत्री ने खुलेआम कह दिया कि जाकर उनके कपड़े फाड़ो। अगर एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में यह कह रहा है तो यह अभी विपक्ष में है। भगवान मेरे, यदि इनकी सरकार आ गई तो मध्य प्रदेश की जनता को बचाना।
कोई अखिलेश-वखिलेश कहे तो यह उसका अहंकार है
जब चुनाव के समय अखिलेश यादव का प्रश्न किया गया तो कमलनाथ ने कहा कि अखिलेश वखिलेश की मुझे कोई चिंता नहीं है। यह पिछड़ा वर्ग की चिंता करेंगे। ठीक हो या गलत हो, अखिलेश यादव मुलायम सिंह के लड़के हैं। वे पिछड़ा वर्ग के नेता हैं। कोई व्यक्ति कहे कि अखिलेश-वखिलेश, तो जो अहंकार आ जाता है हमारे ग्रंथो में कहा गया है कि वह गड्ढे में गिर जाता है। यह गढ्ढा बनाया कांग्रेस ने ही है और हमने तो भरने का काम किया है।
