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Ashoknagar: बारिश के बीच हुआ अंतिम संस्कार, मुक्तिधाम निर्माण की खुली पोल, पूरे जिले में रुक-रुक कर बरसात जारी
Mon, 29 Jul 2024 03:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jul 2024 03:24 PM IST
सार
अशोकनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई ग्रामीण क्षेत्र आज भी ऐसे हैं, जहां खुले आसमान के नीचे ग्रामीण अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। ऐसा ही ताजा मामला बांसखेड़ी ग्राम पंचायत में देखने को मिला है।
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बरसाती पकड़कर अंतिम संस्कार करते हुए ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में अशोकनगर जिले के मुंगावली ब्लॉक के ग्राम पंचायत बांसखेड़ी के ग्राम उड़ना से एक आत्मा को झकझोर देने वाली तस्वीर निकलकर सामने आई है। जहां आज भी खुले आसमान के नीचे ग्रामीण अपने मृतक का अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर हैं।
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दरअसल, ग्राम पंचायत बांसखेड़ी से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो सरकार के दावों की पोल खोलने वाली हैं। बता दें, यहां सालों पहले एक मुक्तिधाम बनाया गया था, जो कुछ ही दिनों में अपना वजूद खो दिया। वर्तमान में गांव में मुक्तिधाम तो है, पर उसके ऊपर छत नहीं है। सिर्फ चार खंभे खड़े हैं, जिसकी वजह से ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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दरअसल, बांसखेड़ी पंचायत के प्याऊढाना गांव में 90 वर्षीय प्रेम बाई की मृत्यु हो गई। इस बीच बारिश भी लगातार होती रही। मजबूरी में परिजनों को अंतिम संस्कार त्रिपाल के सहारे करना पड़ा। बारिश के कारण जब लगा कि दिक्कत हो सकती है तो परिजनों ने त्रिपाल तान दी। क्योंकि कोई दूसरा विकल्प उनके पास मौजूद नहीं था।
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वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय में उनको अंतिम संस्कार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि मुक्तिधाम में कोई व्यवस्था नहीं है। सिर्फ टीनशेड के खम्भे खड़े हुए हैं। यहां टीनशेड है ही नहीं, जिसके चलते यहां त्रिपाल और छाते के सहारे ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। ऐसे में अब देखना होगा कि क्या मुक्तिधाम निर्माण की जिम्मेदार अधिकारी जांच करेंगे या फिर एक फाइल बनाकर जांच को ही दफन कर दिया जाएगा।
