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निर्धारित दर के विपरीत पुराने कर के दर पर दाखिल रिटर्न की होगी जांच

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 02:19 PM IST
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nirdharit dar ke viprit purane dar par dakhil return ki hogi janch
- फोटो : AMAR UJALA
- लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पर वाणिज्य कर विभाग का फैसला। - गलत रिटर्न स्वीकार करने वाले कर निर्धारण अधिकारी भी होंगे निशाने पर
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अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ। वाणिज्य कर विभाग ने व्यापारियों द्वारा दाखिल ऐसे सभी रिटर्न के मामलों की जांच कराने का फैसला लिया है, जिनको निर्धारित दरों का सत्यापन किए बिना ही स्वीकृति दे दी गई है। लेखा परीक्षा की संस्तुतियों के आधार पर विभाग ऐसे सभी मामलों की जांच कराने की तैयारी कर रहा है। हालांकि जांच की कार्यवाही अब लॉक डाउन की अवधि समाप्त होने के बाद ही शुरू की जाएगी। भाभी सूत्रों के मुताबिक लेखा परीक्षा की रिपोर्ट से संबंधित मामलों के साथ ही इस वित्तीय वर्ष के दौरान दाखिल सभी रिटर्न की भी जांच की जाएगी। दरअसल महालेखा परीक्षक द्वारा वित्तीय वर्ष 2008-09 से वर्ष 12014-15 के दौरान दाखिल रिटर्न का परीक्षण किया गया था, जिसमे पाया गया था कि दिसंबर-2013 से मार्च 2017 के बीच करीब 148.62 करोड़ के माल की बिक्री पर व्यापारियों द्वारा दाखिल विवरणी ( रिटर्न ) में सिर्फ शून्य से 9 प्रतिशत तक के दरों का ही उल्लेख किया गया है। जबकि व्यापारियों द्वारा बेचे गए माल में ऐसी तमाम वस्तुएं भी शामिल हैं, जिनपर 17.5 प्रतिशत तक दर निर्धारित है। लेखा परीक्षक के प्रतिवेदन में व्यापारियों द्वारा दाखिल रिटर्न में दर्शाए गए दर के सत्यापन में विभागीय कर निर्धारण अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये गए हैं। प्रतिवेदन में कहा गया है कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से विभाग को इस अवधि में करीब 12.36 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक लेखा परीक्षक की इसी प्रतिवेदन को आधार बनाते हुए विभाग ने ऐसे सभी पुराने और नए मामलों की जांच कराने गंभीरता विचार कर रहा है। उच्चाधिकारियों का मानना है कि जांच कराने से विभाग को जहां करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी, वहीं इस खेल में शामिल विभागीय अधिकारियों का चेहरा भी बेनकाब होगा। सूत्रों का कहना है कि विभागीय स्तर पर यह तय किया गया है कि लेखा परीक्षक के प्रतिवेदन में शामिल किए गए वित्तीय वर्षों के साथ ही इस वित्तीय वर्ष तक दाखिल सभी रिटर्न की जांच कराई जाएगी। हालांकि जांच का काम लॉक आउट समाप्त होने के बाद ही शरू करने पर सहमति बनी है।I तब तक जांच समितियों के गठन का काम पूरा किया जाएगा। एक उच्चस्तरीय सूत्र के मुताबिक जांच टीम में जॉइंट से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर तक के अधिकारियों को रखा जाएगा। जांच के दायरे में रिटर्न का सत्यापन करने अधिकारी भी होंगे।
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