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लविवि : शुल्क में कटौती की मांग को लेकर कॉलेज प्रबंधकों का प्रदर्शन
Thu, 02 Sep 2021 12:00 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 02 Sep 2021 12:00 PM IST
सार
रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी के करीब 150 कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने शुल्क कटौती की मांग को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
खीरी सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेज एसोसिएशन समेत अन्य स्ववित्तपोषित डिग्री कॉलेजों के संगठनों ने बुधवार को परीक्षा शुल्क, नामांकन शुल्क, सदस्यता शुल्क, शिक्षक अनुमोदन शुल्क समेत कई समस्याओं को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। एसोसिएशन के बैनर तले लविवि से जुडे़ चार नए जिले रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी के करीब 150 से ज्यादा कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने लविवि प्रशासन से वसूले जा रहे शुल्क में कटौती किए जाने मांग की।
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विवि प्रशासन ने कॉलेज प्रतिनिधियों और कुलपति के बीच छह सितंबर को वार्ता की तिथि तय की है। लविवि ने हाल ही में कार्यपरिषद की बैठक में शुल्क में 25 फीसदी से ज्यादा कटौती किए जाने का निर्णय लिया था, लेकिन इन जिलों के कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने इसे नाकाफी बताया है। लविवि ने नई दर जारी की है।
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संगठन के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने बताया कि कटौती के बाद भी लविवि का एक सेमेस्टर का परीक्षा शुल्क 1500 रुपये होता है जबकि कानपुर विवि एक साल का शुल्क 1370 रुपये है। इसी प्रकार लविवि ने पंजीकरण शुल्क 500 रुपये कर दिया है जबकि कानपुर विवि 200 रुपये शुल्क लेता है।
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उन्होंने बताया कि विभिन्न मदों में शुल्क की तुलना करें तो लविवि की कानपुर विवि से करीब 110 फीसदी ज्यादा है। ऐसे में अब लविवि से जुड़ने के बाद उनके जिलों के छात्र कम शुल्क वाले अवध विश्वविद्यालय, रज्जू भइया व कानपुर विवि से संबद्ध उन्नाव, बाराबंकी, फर्रुखाबाद जिलों के कॉलेजों में प्रवेश के लिए रुख कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि यदि शुल्क में और कटौती नहीं की गई तो उनके कॉलेजों की छात्र संख्या आधी से भी कम हो जाएगी। इन जिलों के छात्र महंगी फीस व शुल्क नहीं दे पाएंगे। प्रदर्शन में सुरेश अग्रवाल, अरुण सिंह, एके मिश्रा समेत कई कॉलजें के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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